सोशल मीडिया,ओवर-द-टॉप प्‍लेटफॉर्म्‍स एवं डिजिटल न्‍यूज मीडिया हेतु गाइडलान जारी

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केंद्र सरकार ने सोशल सोशल मीडिया, ओवर-द-टॉप (OTT) प्‍लेटफॉर्म्‍स व् डिजिटल न्यूज मिडिया के लिए गाइडलाईन जारी कर दी है। अभी OTT प्लेटफार्म को कोई भी बंधन नहीं थे। समाचार पत्रों के लिए press council of India का एक नियम होता है और उनके लिए code of ethics है, जो फिल्म्स है उनको censor board है। जो TV है उनके लिए प्रोग्राम कोड है और उनको Self Regulation mechanism है। लेकिन OTT प्लेटफॉर्म्स को कुछ भी नहीं था। आज हमने एक सुचारु व्यवस्थता OTT के लिए की है। केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया (Social Media) और ओवर-द-टॉप (OTT) प्‍लेटफॉर्म्‍स पर उलजुलूल कंटेंट , शेयर , फॉरवर्ड , एवं अशोभनीय भाषा पर कमेंट्स करने के साथ फेक न्यूज पोस्ट करने के मामलों पर नकेल कसने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है।  अब नयी गाइडलाइंस के दायरे में फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्‍स और Netflix, Amazon Prime, Hotstar जैसे ओटीटी प्‍लेटफॉर्म्‍स आएंगे।  केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पत्रकारों से चर्चा में  बताया कि सरकार ने सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए नयी गाइडलाइन जारी कर दी है और जल्द ही उन्हें लागू किया जाएगा।

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री ने बताया, OTT प्लेटफॉर्म के लिए त्रि-स्तरीय तंत्र होगा।  OTT प्लेटफॉर्म और डिजिटल मीडिया को अपने बारे में जानकारी देनी होगी, एक शिकायत निवारण तंत्र होना चाहिए। मालूम हो पूरी दुनिया में Netflix, Amazon Prime, Hotstar (डिज्नी प्लस) सहित कम से कम 40 ओटीटी प्लेटफॉर्म हैं।

क्या गाइडलान जारी की  सरकार ने –

  • OTT और डिजिटल न्‍यूज मीडिया को अपने बारे में विस्‍तृत जानकारी देनी होगी.
  • ग्रीवांस रीड्रेसल सिस्‍टम लागू करना होगा।  अगर गलती पाई गई तो खुद से रेगुलेट करना होगा। 
  • OTT प्‍लेटफॉर्म्‍स को एक शिकायत निवारण तंत्र रखना होगा और शिकायतों का निपटारा करने वाले ऑफिसर का नाम भी रखना होगा।  ये अधिकारी 24 घंटे में शिकायत का पंजीकरण करेगा और 15 दिनों में उसका निपटारा करेगा। 
  • सेंसर बोर्ड की तरह OTT पर भी उम्र के हिसाब से सर्टिफिकेशन की व्‍यवस्‍था हो, एथिक्‍स कोड टीवी, सिनेमा जैसा ही रहेगा।
  • ओटीटी और डिजिटल मीडिया को सूचना और प्रसारण मंत्रालय देखेगा और इंटरमीडरी प्लेटफॉर्म का संज्ञान आईटी मंत्रालय लेगा। 
  • सेल्फ रेगुलेशन होनी चाहिए, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट का सेवानिवृत्त जज करेगा या इस श्रेणी का कोई प्रख्यात व्यक्ति करेगा।  एक ओवरसाइड तंत्र भी होगा। 

इसके अलावा डिजिटल मीडिया की गाइडलाइन पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया, सोशल मीडिया को 2 श्रेणियों में बांटा गया है,

1 . इंटरमीडरी

2 . सिग्निफिकेंट

सोशल ​मीडिया इंटरमीडरी. सिग्निफिकेंट सोशल ​मीडिया इंटरमीडरी पर अतिरिक्त कर्तव्य है, हम जल्दी इसके लिए यूजर संख्या का नोटिफिकेशन जारी करेंगे.

रविशंकर प्रसाद ने आगे बताया कि कोर्ट के आदेश और सरकार द्वारा पूछा जाने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को शरारती कंटेट का ओरिजनेटर बताना होगा। सिग्निफिकेंट सोशल​मीडिया के कानून को हम तीन महीने में लागू करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि  यूजर्स की गरिमा को लेकर अगर कोई शिकायत की जाती है, खासकर महिलाओं की गरिमा को लेकर तो आपको शिकायत करने के 24 घंटे के अंदर उस कंटेट को हटाना होगा। उलंघन करने वालों के लिए कड़ी कारवाही का प्रावधान होगा।