जब कलेक्टर की गाड़ी के आगे अड़ी छात्रा …..

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आशुतोष त्रिवेदी भैसदेही संवाददाता

भैंसदेही-कोचिंग नहीं लगाने से नाराज शिक्षक ने छात्राओं की अनुपस्थित लगा दी। इससे छात्राओं को नियमित के बजाए स्वाध्यायी के रूप परीक्षा में शामिल होना पड़ रहा है। मामले की शिकायत छात्राओं के परिजनों ने सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई में भी की है। मंगलवार को जिला कलेक्टर अमनबीर सिंह बैस को भी अपनी समस्या से अवगत कराया और शीघ्र निराकरण की मांग की। एक छात्रा तो इस बात पर ही अड़ गई कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा, वह कलेक्टर के वाहन के सामने से नहीं हटेगी।

जिसके बाद जिला कलेक्टर श्री बैस ने छात्राओं को पूरे मामले की सूक्ष्म जांच कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर छात्रा मानी। मामला भैंसदेही के कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भैंसदेही का है। जहां उपस्थिति रजिस्टर में लगभग 34 छात्राओं को अनुपस्थित दर्शाया गया है। इससे छात्राओं को अब प्रायवेट परीक्षार्थी के रूप में कक्षा बारव्हीं की परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा। छात्राओं का आरोप है कि उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों के पास कोचिंग क्लासेस नहीं लगाई। कोरोना काल के बाद जैसे ही विद्यालय शुरू हुए शिक्षकों द्वारा लगातार छात्राओं पर कोचिंग आने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। छात्राओं ने कोचिंग लगाने से मना किया तो शिक्षकों ने उपस्थिति रजिस्टर के साथ छेड़छाड़ कर उपस्थिति को अनुपस्थिति में बदल दी। इससे उनकी उपस्थिति 65 प्रतिशत से कम दर्ज हुई है। इस संबंध में कई बार विद्यालय के प्राचार्य से भी शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। परेशान परिजनों ने सीएम हेल्पलाइन पर मामले की शिकायत की है, लेकिन वहां भी रजिस्टर को आधार बनाकर अधिकारियों ने जांच से पल्ला झाड़ लिया। अब छात्राओं के परिजनों ने जनसुनवाई में आवेदन देकर मामले की सूक्ष्म जांच कराने की मांग की है।

यह है मशिमं. के नियम – माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा बोर्ड परीक्षाओं में शामिल छात्र-छात्राओं की उपस्थिति 65 प्रतिशत होना अनिवार्य किया गया है। इससे कम उपस्थिति वाले छात्र-छात्राओं को प्रायवेट परीक्षार्थी के रूप में शामिल किया है। छात्राओं का आरोप है कि उन्होंने प्रतिदिन कक्षाएं लगाई है, लेकिन शिक्षकों के पास कोचिंग लगाने से मना करने पर द्वेषवश उपस्थिति रजिस्टर में छेडछाड़ कर छात्राओं की उपस्थिति को कम किया गया है। जिसके कारण उन्हें अब नियमित की बजाये प्रायवेट परीक्षार्थी के रूप में शामिल होना पड़ रहा है।