ठेकेदार खाते में पेमेंट डालकर 70 प्रतिशत मांगता है वापस,सीएमपीएफ के नाम पर ठेका मजदूरों के साथ ठेकेदार ने किया है फर्जीवाड़ा

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सारनी। वेकोलि की खदानों में मेन पावर कम होने के कारण लगभग 10 वर्षों से ठेकेदार ठेका मजदूर से खदानों काम ले रहा है। जिसके एवज में ठेका मजदूरों को सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिला है। जिसको लेकर पिछले दो दिनों से ठेका मजदूर एकजुट होकर खदानों में काम बंदकर अपनी तीन सुत्रीय मुख्य मांग पूरा वेतन, सीएमपीएफ कटौती, वेतनपर्ची तथा सुरक्षा उपकरण और स्वास्थ्य सुविधाएं को लेकर आंदोलन की राह पर चल पड़े है। आंदोलन के प्रथम दिन तवा वन एवं तवा टू दाल में काम बंद कर आंदोलन की शुरुआत की गई। जिसके तहत 3 फरवरी बुधवार को खदान में न जाकर छतरपुर खदान के गेट के समक्ष ठेका मजदूर एकजुट होकर मजदूर एकता जिंदाबाद के नारे लगाते रहे। ठेका मजदूरो ने कहा कि ठेकेदार और प्रबंधन जब तक हमारी मांगों का समाधान नहीं करते तब तक वे आंदोलनरत रहेंगे।

वही ठेका मजदूरों ने खदानों में ठेका लेने वाले ठेकेदारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदार हमसे पूरा काम लेता है। और सुविधा के नाम पर हमें कुछ नहीं मिलता है। हमें वेतनपर्ची नहीं दी जाती, सुरक्षा के उपकरण हमें बाजार से खरीदना पड़ता है। हमारा सीएमपीएफ कटौती के नाम पर झूठ कहां जाता है कि आपका सीएमपीएफ काटा जा रहा है। हमारे खाते में जो ठेकेदार द्वारा वेतन डाला जाता है उस में से 70% पेमेंड ठेकेदार वापस ले लेता है। ठेका मजदूरों ने कहा कि आगामी दिनों प्रबंधक और जिलाधीश को हमारी मांगों तथा समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। और यह मांग की जाएगी की जो ठेकेदार मजदूरों का शोषण और हक को मारते हैं ऐसे ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट किया जाए।आंदोलन करते वक्त बड़ी संख्या में ठेका मजदूर उपस्थित थे।