इतिहास में पहली बार पेपरलेस बजट 2021, मोबाइल ऐप यूनियन बजट के माध्‍यम से देखा जा सकेगा

Scn news india

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारामन इस समय लोकसभा में 2021-22 का केन्‍द्रीय बजट प्रस्तुत किया । इस वर्ष केन्‍द्रीय बजट पहली बार पेपर लेस केवल डिजिटल रूप में ही उपब्‍लध होगा और इसे मोबाइल ऐप यूनियन बजट के माध्‍यम से देखा जा सकता है।

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारामन द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला यह तीसरा बजट है। साथ ही, यह कोविड महामारी के चरण के बाद का देश का पहला बजट है। देश के इतिहास में यह पहली बार होगा जब कागज रहित अर्थात पेपरलेस बजट पेश होगा। वित्त मंत्री द्वारा यूनियन बजट मोबाइल ऐप के नाम से एक ऐप भी जारी किया गया है ताकि सांसदों और आम लोगों को बजट दस्तावेज डिजिटल रूप में आसानी से प्राप्त हो सके। इस मोबाइल ऐप के जरिये वार्षिक वित्तीय विवरण जिसे बजट भी कहा जाता है अनुदान मांग और वित्त विधेयक सहित केंद्रीय बजट के 14 दस्तावेजों की जानकारी मिल सकेगी। इस ऐप में  डाउनलोड, प्रिंट, जूम, सर्च और एक्सटर्नल लिंक जैसी कई सुविधाएं हैं। यह अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओँ में उपलब्ध होगा। बजट दस्तावेज वित्त मंत्री के बजट भाषण के पूरा होने के बाद मोबाइल ऐप पर उपलब्ध होगा। वहीं बजट से पहले वित्त मंत्री द्वारा विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के साथ बजट पूर्व परामर्श बैठक भी की गई। इन हितधारक समूह में वित्तीय एवं पूंजी बाजार, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, जल एवं स्वच्छता, ट्रेड यूनियन तथा श्रम संगठन, उद्योग, सेवाएं तथा व्यापार, कृषि उद्योग, बुनियादी ढांचा और अर्थशास्त्री शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ भी बैठक की गई।

साथ ही इंश्योरेंस सेक्टर में FDI की लिमिट 49% से बढ़ाकर 74% कर दी गई है। बजट में मिडिल क्लास खाली हाथ ही रहा। सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया, न ही कोई छूट दी। हालांकि, किफायती घर खरीदने वालों को ब्याज में 1.5 लाख रुपए की एक्स्ट्रा छूट का समय एक साल बढ़ाकर मार्च 2022 तक कर दिया। वहीं 75 साल से ज्यादा उम्र वाले पेंशनर्स को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से छूट भी दी है।

वहीँ सरकार ने इस बजट में इनकम टैक्‍स की स्‍लैब में कोई बदलाव नहीं किया है लेकिन कृषि पर सेस लगाया जाएगा। बजट में एग्री इंफ्रा डेवलपमेंट सेस लगाया गया है। इसके साथ ही पेट्रोल पर 2.5 रुपये प्रति लीटर कृषि सेस और डीजल पर 4 रुपये प्रति लीटर कृषि सेस लगाया गया है। हालांकि इससे आपकी जेब पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार ने साफ किया है कि सेस लगाने से पेट्रोल और डीजल की दामों में बढ़ोतरी नहीं होगी।