ऊर्जा की बढ़ती खपत को देखते हुए स्थानीय स्त्रोत बढ़ाने की जरूरत-केन्द्रीय मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान  

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अलकेश साहू ब्यूरों

बैतूल-केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस एवं इस्पात मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि ऊर्जा की दिनों-दिन बढ़ती खपत को देखते हुए स्थानीय स्त्रोतों को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अब देश में ऊर्जा खेती पर जोर दिया जाएगा। स्थानीय भारत-भारती संस्था में अत्याधुनिक गोबर गैस प्लांट की स्थापना एवं सौर आदर्श ग्राम बाचा में सफलतापूर्वक सौर चूल्हों का संचालन से स्थानीय ऊर्जा की जरूरतें पूरी हो रही हैं एवं ग्राम बाचा देश के आदर्श ऊर्जा ग्राम के रूप में विकसित हुआ। श्री प्रधान सोमवार को जिले की भारत भारती शिक्षण संस्थान में विभिन्न तेल कंपनियों के सीडीआर मद के सहयोग से स्वीकृत विकास कार्यों के उद्घाटन एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सरकार्यवाह श्री सुरेश सोनी विशेष रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सौदान सिंह, प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास  मंत्री श्री कमल पटेल, सांसद श्री डीडी उइके, विधायक आमला डॉ. योगेश पण्डाग्रे, पूर्व विधायक श्री हेमन्त खण्डेलवाल सहित भारत-भारती संस्था के पदाधिकारी भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थे।


इस अवसर पर केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस एवं इस्पात मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सरकार्यवाह श्री सुरेश सोनी एवं अतिथियों द्वारा भारत-भारती शिक्षा समिति में भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड के सीडीआर मद से निर्मित प्राथमिक विद्यालय भवन, इंडियन ऑइल कार्पोरेशन के सीडीआर मद से निर्मित 5 टीपीडी बायोगैस संयंत्र का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा ऑइल एण्ड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन के सीडीआर मद के सहयोग से स्वीकृत कृषक प्रशिक्षक भवन निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय श्रीजी शुगर मिल में एथेनाल प्लांट की स्थापना के लिए भी अतिथियों द्वारा शिलान्यास किया गया। अपने संबोधन में मंत्री श्री प्रधान ने आगे कहा कि भारत-भारती संस्था सर्वोपरि एवं संस्कारयुक्त शिक्षण प्रकल्प के रूप में विकसित हो रहा है।

यहां प्राकृतिक ऊर्जा के क्षेत्र में किए गए कार्य भी सराहनीय हैं। भविष्य में ऊर्जा खेती के विकास की प्रयोगशाला भी इस संस्था को बनाया जाएगा। संस्था से अपेक्षा है कि वे आत्मनिर्भर एवं संस्कारयुक्त शिक्षा देने के अपने बेहतर प्रयासों को और अधिक मजबूत करें। इसके अलावा क्षेत्रीय किसानों को भी जैविक खेती का उचित मार्गदर्शन देने में अपना सहयोग प्रदान करे। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सरकार्यवाह श्री सुरेश सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि भारत की संस्कृति में शामिल है। कृषि को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर प्रेरणादायी विकल्प की जरूरत है। भारत-भारती संस्था इस क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है। विद्यालय के क्षेत्रीय ग्रामों में जीवंत संपर्क पर्यावरण संरक्षण की जागरूकता की दिशा में प्रभावी कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में संस्था के सचिव श्री मोहन नागर संस्था अंतर्गत किए जा रहे विकास कार्यों पर प्रकाश डाला गया।

इसके पूर्व संस्था के अध्यक्ष श्री सुजीत शर्मा द्वारा भी संस्था की कार्य व्यवस्था पर विचार व्यक्त किए गए। कार्यक्रम में अंत में संस्था के प्राचार्य श्री गोविंद प्रसाद कारपेंटर ने आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मप्र के सचिव श्री शिरोमणि दुबे सहित इंडियन ऑइल कार्पोरेशन के कार्यकारी निदेशक श्री व्ही. सतीश कुमार, भारत पेट्रोलियम के कार्यकारी निदेशक श्री जयेश शाह एवं ऑइल एण्ड नेचुरल गैस कमीशन के कार्यकारी निदेशक श्री एसएससी पार्थीबन सहित कलेक्टर श्री राकेश सिंह, पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद, सीईओ जिला पंचायत श्री एमएल त्यागी भी मौजूद थे।