सतपुड़ा आईटीआई द्वारा सायकल मैराथन में एक सैकड़ा लोगो ने भाग लिया

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सतपुड़ा आईटीआई सलैया द्वारा आयोजित सायकल मैराथन में एक सैकड़ा लोगो ने सायकल चलाकर सप्ताह में एक दिन सायकल चलाने का दिया सन्देश
सतपुड़ा आईटीआई सलैया बगडोना के संचालक लोकेश अड़लक द्वारा
लगातार बेतुल मुलताई के बाद अब #बाबामठारदेव की पावन नगरी में सारणी में पर्यावरण , स्वास्थ्य, और पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामो को देखते हुए सप्ताह में कम से कम एक दिन सायकल चलाने का आग्रह के लिए जागरूकता मैराथन का आयोजन कल हुआ.
सतपुड़ा आईटीआई के संचालक लोकेश अड़लक ने बताया के हमारे देश मे लगभग 37 अरब लीटर पेट्रोल और 88 अरब लीटर डीजल की खपत होती है और गर इसकी कीमत आंकी जाए तो कई खरबो में होगी इन्ही कीमतों को देखते हुए और वातारवरण को प्रदूषण मुक्त करने के लिए इस मैराथन का आयोजन किया।


मैराथन बगडोना गेट से होकर आयोजन स्थल रामराख्यानी स्टेडियम से हरी झंडी श्री विजय साबले(सीनियर साइकलिस्ट) द्वारा दी गई रामराख्यानी स्टेडिय से sbi चौराहा राममंदिरबाजार
चौक से हाईस्कूल और कांतिशिवा टॉकिज शुपिंग सेंटर से होकर रामराख्यानी स्टेडियम पर समाप्त हुई
इस पर्यवारण जागरूकता मैराथन में मुख्य तौर पर श्री विवेक कोसे (एक्टिव थिंकर) दुर्गा पांसे (मिस इनक्रेडिबल इंडिया और सारणी की स्वच्छता की ब्रांड अम्बेसडर) श्री राहुल साबले ;दिनेश डांगी ,विवेक उइके ओम साई विजन मुकेश नागवंशी प्रदीप कापसे प्रदीप गडेकर नंदलाल पवार और आईटीआई के सभी छात्रों का विशेष भागीदारी रही आयोजन में शामिल सभी प्रकृति प्रेमियों का पर्यवारण प्रेमियों का सतपुड़ा परिवार की ओर से लोकेश अड़लक ने मास्क और प्रसस्ति पत्र देकर धन्यवाद दिया .
यह मुकाबला नही बल्कि एकजुट होकर सेहत पर्यावरण के प्रति एक कोशिश है ,शहर को प्रदूषण से बचाने की
बेतुल मुलताई में पिछले कुछ वर्षों से लगातार आयोजित होने बाद सारणी में पहली बार आयोजित हो हुई है इसे लेकर युवाओ में काफी उत्साह नजर आया और इसी आयोजन को लेकर सभी ने सतपुड़ा आईटीआई सलैया के स्टाफ और सभी छात्रों को दोबारा आयोजन करने के लिए प्रेरित किया
पेट्रोल डीजल जैसे ईंधन वर्षो के बाद मिलते है इन्हें आने वाली पीढ़ी को बचाने और इनकी कीमतों में कमी लाने और पर्यावरण सेहत के उद्देश्य को साधने के एक प्रयास है लोकेश अड़लक का मानना है की प्रत्येक व्यक्ति सप्ताह में एक दिन ही सायकल चलाये तो एक बहुत बड़ा हिस्सा प्रदूषित होने से बचा सकते है
सतपुड़ा आईटीआई द्वारा प्रायोगिक तौर पर भी कोशिश कर प्रति सप्ताह 15 लीटर पेट्रोल की बचत की है गर हर संस्थान या हर क्षेत्र ऐसा करे तो एक नई क्रांति पर्यवारण के क्षेत्र में हो सकती है।