कृषि कानून के विरोध में किसान आंदोलन का समर्थन – कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

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रिपोर्टर डिंडोरी से गणेश शर्मा

डिंडोरी जिले के करंजिया विकास खंड मुख्यालय में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री  कमलनाथ के आवाहन एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं डिंड़ौरी विधायक  ओमकार सिंह मरकाम  के निर्देश पर देश में हो रहे किसानों आंदोलन के समर्थन में ब्लाक कांग्रेस कमेटी करंजिया के अध्यक्ष अयोध्या सिंह बिसेन जी नेतृत्व में करंजिया तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने अपने उदबोधन में कहा भाजपा जब से विधायक खरीद कर सत्ता में आई है महिलाओं पर अत्याचार में मध्यप्रदेश नं. वन बन गया है आये दिन महिलाओं बच्चीओं पर अत्याचार हो रहा है किसान परेशान युवा परेशान व्यपारी परेशान मजदूर परेशान आप लोग देख रहे केंद्र में बैठी मोदी सरकार के द्वारा किसानों के लिये जान लेवा तीन कानून बनाये गये है जिसके विरोध में लगभग 51 दिनों से किसान पत्नि एवं बच्चों सहित भीषण ठंड में देश का अन्नदाता सड़क में बैठकर आंदोलन कर रहें है आंदोलन में लगभग ७०-८० किसान शहीद हो चुके है जिसकी मुख्य वजह मोदी सरकार द्वारा २०२० बनाये ये तीन काले कानून है जो किसानों के हित में नहीं है केंद्र में बैठ अंधी गुंगी बेहरी मोदी सरकार संवेदन हीन बनी हुई है न जाने मोदी सरकार की हठधर्मी के कारण और कितने किसान शहीद होगें। किसानों की जो मांग वह उचित है इसलिये दिल्ली और देश के अन्य राज्यों में किसानों के द्वारा किये जा रहे आंदोलन का हम समर्थन करते है और हम ल़ोग मांग करते है कि किसानों को MSP देने के लिये कानून लाया जाये और तीनों काले कानून को वापस लिया जायें साथ ही जो किसान आंदोलन में मारे गये है उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाये।

ज्ञापन में उल्लेख किया कि भारत देश कृषि उत्पादक देश है, भारत का कृषि उत्पादक का कारोबार लगभग 15 से 18 हजार करोड रुपए का है जिस पर बड़े कारपोरेट का मल्टीनेशनल कंपनियों की नजर रही है इन कंपनियों को इसमें प्रवेश करने के लिए ही यह तीन कानून लाए गए हैं:-
१. कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) २०२० संविधान में कृषि क्षेत्र पूरी तरह से राज्य का विषय है जिसके द्वारा हर राज्य ने अपना मंडी कानून बनाया हुआ है अभी किसानों को अपने उत्पाद मंडी के बाहर अपने प्रदेश में प्रदेश के बाहर व विदेश में बेचने का अधिकार है। किसी भी व्यापारी को मंडी या मंडी क्षेत्र में कृषि उत्पाद खरीदना है तो उसे मंडी का लायसेंस लेना अनिवार्य है। बडे़ उद्योगपतियों को हर मंडी में लायसेंस लेना और उसके नियमों का पालन करना सरल नहीं था इसलिये केंद्र सरकार ने नये कानून के तहत कार्पोरेट के लिये सारी बाधाएं खत्म करके उनके लिये खुले व्यापार का रास्ता साफ कर दिया है नया कानून किसानों के लिये गहरे संकटों का कारण बन गया है।


२. मूल आश्वासन एवं कृर्षि सेवाओं पर कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) अनुबंध कानून २०२० इस कानून में कांट्रेक्ट फॉर्मिंग यानि ठेके की खेती का प्रावधान है अर्थात कोई भी किसान किसी भी बड़ी कंपनी के साथ अपनी जमीन पर उसकी बताई हुई फसल का अनुबंध कर सकता है। बीज, दवाई, खाद कंपनी देगी और एक निश्चित भाव में उसका उत्पाद खरीदेगी अनुबंध की शर्ते क्या होगी यह किसान व कंपनी के बीच में तय होगी। यदि फसल आने पर भाव कम हो गया तो कंपनी को अनुबंधित भाव में ही खरीदना पड़ेगा और यदि भाव अधिक हो गया तो किसान को अनुबंधित भाव में ही बेचना पडेगा। अनुबंध में यदि विवाद की स्थिति बनती है तो किसान न तो पुलिस में शिकायत कर सकेगा और न ही अदालत जा सकेगा उसे एस डी एम के पास ही जाना पडेगा महात्मा गांधी को चम्पारण में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा नील की खेती करने वाले शोषित किसानों के लिये अंदोलन करना पडा था तब किसान को अदालत में जाने पर प्रतिबंध नहीं था लेकिन नये आजाद भारत में अब नये कानून के जारिये किसानों के लिये अदालत के रास्ते बंद कर दिये गये है।
३. आवश्यक वस्तु संशोधन कानून २०२० भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू द्वारा उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण हेतू उनके पक्ष में अवश्यक वस्तु अधिनियम लाए थे ताकि बडे व्यापारी जमा खोरी व काला बाजारी न कर सके इस कानून के अंतर्गत व्यापारी निश्चित मात्रा से अधिक माल स्टाक नहीं कर सकता था और काला बाजारी करने पर दंडित किया जा सकता था अब नये कानून में व्यापारी जितना चाहे उतना माल स्टाक कर सकता है और जब चाहे तब मनमाने भाव में बेच सकता है यही तो मार्केट इकोनॉमी या पूंजीवाद है जो पूंजीपतिओं के पक्ष में और गरीब, किसान, मजदूर, और उपभोक्ता के खिलाफ है।


भारी शीतकाल में देश का अन्नदाता आज देश में आंदोलन कर रहें है आंदोलन में लगभग ७०-८० किसान शहीद हो चुके है जिसकी मुख्य वजह मोदी सरकार द्वारा २०२० में लाये गये तीन काले कानून है जो किसानों के हित में नहीं है केंद्र में बैठी अंधी गुंगी बेहरी मोदी सरकार संवेदन हीन बनी हुई है न जाने मोदी सरकार की हठधर्मी के कारण और कितने किसान शहीद होगें।
किसानों की मांग उचित है इसलिये कांग्रेस कमेटी दिल्ली और देश के अन्य राज्यों में किसानों के द्वारा किये जा रहे आंदोलन का समर्थन करती है और कांग्रेस कमेटी मांग करती है कि किसानों को MSP देने के लिये कानून लाया जाये और तीनों काले कानून को वापस लिया जायें साथ ही जो किसान आंदोलन में मारे गये है उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाये। इस अवसर पर महिला कांग्रेस कमेटी डिंड़ौरी जिलाध्यक्ष श्रीमति संतोषी साहू, ब्लाक महिला कांग्रेस करंजिया अध्यक्ष वृंदा परस्ते, ब्लाक महिला कांग्रेस गाड़ासरई अध्यक्ष लक्ष्मी ठाकुर, वीरा बाई, चमेली बाई बघेल, सगनी उद्दे, अनिता साहू अमरजीत सालूजा गबडू राय द्वारका गुप्ता उमेश राय अगुल बंधव रामजी साहू, लखन सिंह मार्को, लोकेश मार्को, धर्मेंद्र दत्त आर्मो, कुवंर आर्मो,हीरा पाटले कैलाश मिश्रा, कमलेश मरावी नरोत्थम पेंद्रो, गंगाराम आर्मो जीवन पेंद्रो महेश पेंद्रो एवं क्षेत्र के किसान वरिष्ठ कांग्रेस महिला उपस्थित रही