बेमिसाल दरियादिली की मिसाल रोशनी जायसवाल-अब लौट आएगा नेपाल से बूढी माँ का लाल

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हर्षिता वंत्रप 

आज की दौड़ती भागती जिंदगी में जहाँ चंद मतलबी अपने मतलब के लिए सगे रिश्तों का खून  करने से बाज नहीं आते। वहीँ कुछ ऐसे भी लोग है जिनकी वजह से इंसानियत से उठता  भरोसा फिर से यकीन करने को मजबूर कर देता है। जिसकी मिसाल है गरीब सहायक एनजीओ की युवा फाउंडर रोशनी कुशल जायसवाल जिन्होंने पूरे कोरोना काल लाकडाउन में ना केवल जरुरत मंद गरीबो को खाना खिलाया , राशन बाटा  मास्क बाटा बल्कि इस दौरान विधवाओं को आर्थिक मदद भी की। हाल ही में फिर उनके द्वारा इंसानियत को कायम रखती एक बेमिसाल दरियादिली की मिसाल पेश की है। जिसकी सराहना व  प्रशंसा पूरे देश में हो रही है।

गरीब सहायक एनजीओ की फाउंडर रोशनी कुशल जायसवाल ने  डीएम वाराणसी श्री कौशल राज शर्मा जी के समक्ष  100001/- रुपये की अनुदान राशि दि ! जिससे गरीब बूढ़ी माँ के बच्चे को जेल से छुड़वाने में मदद हो सके। बता दे कि इस बूढ़ी माँ का लाल  नेपाल में जेल की सज़ा काटने बाद भी पैसे की किल्लत की वजह से बूढ़ी माँ अपने बच्चे को जेल से छुड़ा नही पा रही है।  अनुदान राशि मिलने पर गरीब बूढ़ी माँ ने गरीब सहायक एनजीओ की फाउंडर रोशनी कुशल जायसवाल  को धन्यवाद दिया और कहा कि रोशनी कुशल जायसवाल जी ने जिस तरफ पूरे लॉक डाउन भर लगातार 6 महीने से गरीबो की सेवा करती रही है जैसे गरीबो को खाना खिलाना राशन बाटना मास्क बाटना विधवाओं को आर्थिक मदद करना इन तमाम काम को आगे भी ये इसी तरह करती रहे इसके लिए गरीब बूढ़ी माँ ने गरीब सहायक एनजीओ की फाउंडर रोशनी कुशल जायसवाल  को आश्रीवाद दिया।