कलेक्टर वैध रूप से संचालित हो रही होम लोन कंपनी के विरुद्ध की त्वरित कार्रवाई, महिला को राशि वापस दिलवाई

Scn news india

मनोहर

शाजापुर – अब गलत ढंग से काम करने  फाइनांस कंपनियों की भी खैर नहीं। शिकायत मिलने पर प्रशासन त्वरित कार्रवाहियां करने में जुट गया है। शाजापुर से पीड़ित महिला कलाबाई एवं उनकी बेटी ने कलेक्टर श्री दिनेश जैन को बताया कि  एजेंट के माध्यम से होम लोन फाइनेंस कराने एक लाख रूपये दिए थे जिस पर एक फाइनेंस कंपनी ने तीन माह के करार पर छै लाख के लगभग फाइनेंस कर चेक अगली पार्टी के नाम व्हाट्सएप पर भेजे। लेकिन वास्तविक में ना ही चेक मिला ना मकान।  जिस पर पीड़िता ने इसकी शिकायत कलेक्टर श्री दिनेश जैन से की , कलेक्टर ने त्वरित कारवाही करते हुए ने अवैध रूप से संचालित हो रही होम लोन कंपनी के विरुद्ध  कार्रवाई की , और कंपनी के संचालक से आवेदक श्रीमती कलाबाई को उनकी राशि वापस दिलवाई। साथ ही पुरे मामले में लिप्त लोगों पर एफआईआर के निर्देश भी दिए है। श्रीमती कलाबाई ने प्रसन्न होकर जिला प्रशासन को दिया धन्यवाद।

क्या है पूरा मामला 

कलेक्टर श्री दिनेश जैन ने अवैध रूप से संचालित हो रही चिटफंड कंपनियों के विरूद्ध शिकंजा कसा है। इसी के चलते कलेक्टर ने आज त्वरित कार्रवाई करते हुए शाजापुर में राजराजेश्वरी होम लोन संचालन करने वाले हेमंत योगी से श्रीमती कलाबाई को राशि वापस दिलवायी।
आज प्रात: कलेक्टर श्री जैन को श्रीमती कलाबाई पति ओमप्रकाश बामनिया  ने आवेदन देकर बताया कि दलाल प्रेम नारायण वर्मा ने एक लाख रूपये लेकर उसे संतोष कुमार पिता तुलसीराम जाटव निवासी लक्ष्मी नगर से 10 लाख रूपये में मकान क्रय करने का सौदा करवाया था तथा तीन माह की अवधि का अनुबंध करवाया। तीन माह की अवधि पूरी होने पर मकान मालिक द्वारा अनुबंध समाप्त कर दिया गया। इसके बीच की अवधि में उनके द्वारा होम लोन प्राप्त करने के लिए शाजापुर स्थित राजराजेश्वरी होम लोन संस्था संचालित करने वाले हेमंत योगी को 60 हजार रूपये  जमा कराए। इनके द्वारा होम लोन फायनेंस नहीं किया गया तथा हिन्दुजा होम फायनेंस नामक कंपनी से 5 लाख 61 हजार रूपये के चेक बनाकर मकान मालिक को वाट्सअप पर भेजे गये। वास्तविक रूप से न तो चेक मिले न ही भुगतान प्राप्त हुआ और कंपनी कह रही कि किश्त चालू हो गई। इस प्रकार राशि नहीं मिलने पर कलाबाई ने अपने द्वारा दी गई राशि वापस पाने के लिए प्रयास किये, परन्तु राजराजेश्वरी होम लोन संस्था के संचालक द्वारा अभद्र व्यवहार करते हुए राशि वापस नहीं दी गई।
इससे व्यथित होकर श्रीमती कलाबाई ने आज कलेक्टर को राशि वापस दिलवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने आवेदन पर त्वरित कार्रवाई कर आवेदिका को राशि वापस दिलवाने और प्रकरण दर्ज कराने के लिए अपर कलेक्टर श्रीमती मंजूषा विक्रांत राय को निर्देश दिये। अपर कलेक्टर श्रीमती राय ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और शाम तक आवेदिका को हेमंत योगी से 50 हजार रूपये वापस दिलवा दिए। साथ ही थाना प्रभारी को बुलाकर जालसाजी करने वाले के विरूद्ध प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिये।
जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से श्रीमती कलाबाई एवं उसकी पुत्री प्रसन्न हो गई। उन्होंने जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति बिना जाँचे-परखे किसी भी कंपनी में अपने खून-पसीने की कमाई नहीं लगाए।
कलेक्टर श्री जैन ने अपर कलेक्टर द्वारा की गई कार्रवाई पर प्रसन्नता व्यक्त की।