नेशनल लोक अदालत के माध्यम से संपत्तिकर, जलकर एवं विद्युत बिलों पर छूट प्राप्त करें

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मनोहर

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री राजाराम बडोदिया ने अवगत कराया है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई-दिल्ली, म.प्र.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री बिनोद कुमार द्विवेदी के मार्गदर्शन मे 12 दिसम्बर को प्रातः 11.30 बजे से जिला न्यायालय परिसर धार एवं तहसील न्यायालयों पर नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाना है।
उक्त नेशनल लोक अदालत में म.प्र. शासन, ऊर्जा विभाग, मंत्रालय भोपाल द्वारा छूट दिये जाने के संबंध में दिशा निर्देश जारी किये गये है। जिसके अंतर्गत न्यायालय में लंबित प्रकरणों में निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5-किलोवाट भार तक के गैर-घरेलू, 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को निम्नानुसार छूट दी जावेगी। जिसमें प्रिलिटिगेशन स्तर पर- कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व के राशि पर 40 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के अंतर्गत राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्यके छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जावेगी।
इसी प्रकार लिटिगेशन स्तर पर – कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 25 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के अंतर्गत राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्यके छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जावेगी।
नेशनल लोक अदालत में नगर पालिका अधिनियम, 1956 की धारा 163, 132, 80 सहपठित धारा 426-ए तथा म.प्र. नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 132 सहपठित धारा 346, 127, 109 के अंतर्गत संपत्तिकर अधिभार तथा जल उपभोक्ता प्रभार में छूट प्रदान की जाएगी। संपत्तिकर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार की राशि रू. 50 हजार रूपए तक बकाया है, ऐसे प्रकरणों में अधिभार में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, साथ ही ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार की राशि 50 हजार रूपए से अधिक तथा 1 लाख रूपए तक का बकाया है, ऐसे प्रकरणों में अधिभार में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी एवं ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार 1 लाख रूपए से अधिक राशि बकाया है, ऐसे प्रकरणों में अधिकभार में 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। जलकर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार की राशि 10 हजार रूपए तक बकाया है, ऐसे प्रकरणों में अधिभार 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, नगरीय निकायों द्वारा व्ययन की गई परिसंपत्तियों के भूभाटक/किराये के ऐसे प्रकरण जिनमें अधिभार सहित कुल देय राशि रू. 20,000 (बीस हजार ) तक बकाया होने पर मात्र अधिभार में 100 प्रतिशत की छूट दी जावेगी, नगरीय निकायों द्वारा व्ययन की गई परिसंपत्तियों के भूभाटक/किराये के ऐसे प्रकरण जिनमें अधिभार सहित कुल देय राशि 20 हजार से 50 हजार रूपए तक बकाया होने पर मात्र अधिभार में 50 प्रतिशत की छूट दी जावेगी, नगरीय निकायों द्वारा व्ययन की गई परिसंपत्तियों के भूभाटक/किराये के ऐसे प्रकरण जिनमें अधिभार सहित कुल देय राशि 50 हजार रूपए से अधिक होने पर मात्र अधिभार में 25 प्रतिशत की छूट दी जावेगी साथ ही ऐसे प्रकरण जिनमें जलकर तथा अधिभार की राशि 10 हजार रूपए तक 100 प्रतिशत एंव 10,000 से अधिक तथा 50 हजार रूपए तक बकाया हैं, ऐसे प्रकरणों में अधिभार में 75 प्रतिशत की छूट दी जाएगी एवं ऐसे प्रकरण जिनमें जलकर तथा अधिभार की राशि 50 हजार रूपए से अधिक राशि बकाया है, ऐसे प्रकरणों में अधिभार में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से समस्त प्रकार के राजीनामा योग्य प्रकरणों का नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकरण करवाकर लोक अदालत का लाभ प्राप्त करने की अपील की है।