कोलारस लूट मामले में पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग, जल्द हो सकता है मामले का खुलासा -पुलिस अधीक्षक ने गम्भीरता से लिया था मामला, लुटेरों पर घोषित किया था इनाम

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स्वप्निल जैन

शिवपुरी/खनियांधाना ।
मंगलबार को कोलारस में व्यापारी के साथ हुई 18 लाख की सनसनीखेज लूट के मामले का पुलिस जल्द ही खुलासा कर सकती है, इस मामले में सूत्रों से जो खबर सामने आ रही है उसे अगर सही माना जाए तो पुलिस को इस मामले में अहम सुराग हाथ लगे हैं।सूत्रों का कहना तो यहाँ तक है कि पुलिस को जो सुराग मिले हैं उनके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुँचने में भी सफल हो गई है और अब पुलिस किसी भी समय इस मामले का खुलासा कर सकती है। यहां बतादें की कोलारस थाने के समीप दोहरे दोपहर घटित हुई लाखों रूपए लूट की इस घटना को पुलिस कप्तान राजेश सिंह चंदेल ने गंभीरता से लेते हुए लुटेरों द्बारा पुलिस को दिए गए चैलेंज को स्वीकार किया था। घटना की जानकारी लगते ही पुलिस अधीक्षक तत्काल मौके पर पहुँच गए थे और उन्होंने लूट की इस घटना को चुनोती बताते हुए कहा था कि वह इस मामले का जल्द से जल्द खुलासा करेंगे। घटना के विरोध में व्यापारी मंडल भी लामबंद हो गया था, जिन्होंने पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए 5 दिन के भीतर आरोपी न पकड़े जाने की स्थिति में अनिश्चित काल को मंडी बंद करने की बात भी कह डाली थी। उधर मामले को लेकर आईजी श्री शर्मा ने भी घटना स्थल का जायजा लिया था। लेकिन अब सूत्रों से जो खबर मिल रही है वह लुटे व्यापारी के अलाबा पुलिस प्रशासन व व्यापारी मंडल को भी राहत पहुँचाने बाली है।

यह था पूरा मामला

श्रीराम दालमिल के संचालक गिर्राज सिंघल के पुत्र गर्वित सिघंल उर्फ रामा उम्र 20 साल निवासी कोलारस। मंगलबार की दोपहर के समय कोलारस के एसबीआई बैंक से 18 लाख रूपए नगद निकाले थे और वह रूपए लेकर अपनी स्कूटी से दाल मिल जा रहा था। गर्वित सिघंल कोलारस थाने के पास स्थित गायत्री कॉलोनी के सामने पहुंचा उसी समय एक बुलेट गाडी पर सबार 3 अज्ञात लुटेरे गर्वित की स्कूटी के समीप आकर उन्होंने व्यापारी पुत्र को कट मारी और जब गर्वित असतुंलित हो गया था तो उसी समय लुटेरे ने गर्वित की आंखो में मिर्ची झोक दी थीं और गर्वित से नोटों से भरा बैग लूट कर भाग गए थे। मामले की जानकारी लगने पर पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल मौंके पर जा पहुंचे थे, जिनके द्बारा मौका मुआयना कर लुटे व्यापारी से पूरे मामले की बारीकी से जानकारी लेते हुए मातहत अमले को बदमासों की गिरफ्तारी के लिए निर्देश दिए थे, साथ ही आरोपियों पर 10 हजार रूपए का इनाम भी घोषित कर दिया था।