ग्राम पंचायत लिखड़ी में मनरेगा के तहत की जा रही गड़बड़ी मस्टररोल गायब, फर्जी नाम से हो रहा भुगतान

Scn news india

दिलीप पाल
आमला. जनपद की ग्राम पंचायत लिखड़ी में मनरेगा योजना में जमकर गड़बड़ी की जा रही है। मजदूरी के नाम पर यह खेल चल रहा है। इतना ही नहीं पंचायत से मस्टररोल भी गायब होने की बात सामने आ रही है और इसी का फायदा उठाकर सचिव-रोजगार सहायक फर्जीवाड़ा कर रहे है। दरअसल कोरोना संक्रमण के चलते शासन ने मजदूरों को गृहग्राम में ही रोजगार उपलब्ध कराने के आदेश दिये है। जिसके बाद पंचायतों में फर्जी नाम से मस्टररोल भरकर पंचायत सचिव और रोजगार सहायक अनपढ़ और भोलेभाले ग्रामीणों के अंगुठे लगाकर मजदूरी के नाम पर राशि का गबन किया गया है। लेकिन इसकी जांच तक नहीं हो रही और शिकायतें होती भी है तो अधिकारी संज्ञान नहीं लेते। यहीं वजह है कि ग्राम पंचायत में यह धांधली और गड़बड़ी का सिस्टम जारी है।

आय-व्यय की नहीं होती गहनता से जांच नही हुआ सामाजिक अंकेक्षण

पंचायतों में आय-व्यय ओर सामाजिक अंकेक्षण की अधिकारियों द्वारा गहनता से जांच भी नहीं की जाती है। शिकवा शिकायतें होने के बाद केवल जांच दल गठित कर दिया जाता है और कार्रवाही के नाम पर मात्र नोटिस देकर रिकवरी की जाती है। जिससे सचिव-रोजगार सहायक फर्जीवाड़ा करने से नहीं चुकते है। ठोस कार्रवाही या एफआईआर तक बात बहुत कम ही पहुंच पाती है। जिससे सचिव ओर रोजगार सहायकों को मनोबल बढ़ रहा है। जिसके परिणाम ग्रामीणों को शोषित होकर चुकाना पड़ता है।

निर्माण कार्यो में भी गुणवत्ता नही

पंचायतों में फर्जी मस्टररोल ही नहीं निर्माण कार्यो के नाम पर भी शासन से प्राप्त राशि की बंटरबांट हो रही है। ब्लाक की कई पंचायतों में निर्माण कार्य गुणवत्ताविहिन होने की शिकयतें भी हुई है। लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाही नहीं हुई। आज भी पंचायतों में घटिया निर्माण और फर्जी मस्टररोल, फर्मो के नाम पर हजारों-लाखों रूपये के बिल भुगतान किये जा रहे है। बिलों पर न तो टीन नंबर और न ही जीएसटी अंकित रहता है।

अधिकारियों का पूरा संरक्षण

पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्यो और भ्रष्टाचारों में सचिव और रोजगार सहायकों को अधिकारियों पूरा-पूरा संरक्षण मिलता है। जिससे ही परिणाम है कि पंचायतों में फर्जीवाड़े को बढ़ावा मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में होने वाले फर्जीवाड़े की शिकायतें तो की जाती है, लेकिन कार्रवाही नहीं होती। केवल औपचारिकता निभाकर अधिकारी जांच की इतिश्री कर लेते है, जबकि जांच के लिए अन्य ब्लाक के अधिकारियों की टीम गठित की जानी चाहिए, जिससे निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों पर कार्रवाही।

इनका कहना है…….

ग्राम पंचायत लिखडी में फर्जी मजदूर से हाजरी अगर लगाई गई है तो जाँच कर सामाजिक अंकेक्षण शाखा प्रभारी से इस सम्बंध में जानकारी लेकर , तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगामी कार्यवाही की जाएगी।

दानिश अहमद खान सीईओ जनपद पंचायत आमला