अर्नब गोस्वामी जमानत बरक़रार, सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने के कारणों पर प्रकाश डाला

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मनोहर

रिपब्लिक टीवी के एंकर अर्नब गोस्वामी के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस द्वारा दर्ज आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। शीर्ष न्यायालय  ने कहा कि अर्नब गोस्वामी के खिलाफ एफआईआर का मूल्यांकन करने से उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए कोई अभियोग स्थापित नहीं होता। एफआईआर पर प्रथम दृष्टया विचार, आरोपों की प्रकृति और गोस्वामी के खिलाफ आरोप के स्तर पर हाईकोर्ट ने ध्यान नहीं दिया। जमानत नहीं देकर हाईकोर्ट ने गलती की। अर्नब गोस्वामी को दी गई अंतरिम जमानत के कारणों को बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह बात कही।

वहीँ न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने इस मामले में गोस्वामी और दो अन्य को राहत देने के कारणों पर प्रकाश डाला। पीठ ने कहा कि पत्रकार अर्नब गोस्वामी को दो साल पुराने आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में मिली अंतरिम जमानत, बॉम्बे हाईकोर्ट के याचिका का निपटारा करने के चार सप्ताह बाद तक जारी रहेगी। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट, निचली अदालत को राज्य द्वारा आपराधिक कानून के दुरुपयोग के प्रति सतर्क रहना चाहिए।