त्रिरत्न बौद्ध विहार समिति सारनी के तत्वावधान में मनाया 71 वां संविधान दिवस

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आशीष उघड़े 

सारनी। त्रिरत्न बौद्ध विहार समिति सारनी के तत्वावधान में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 71 वां संविधान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का आगाज सर्व प्रथम शापिंग सेंटर स्थित डॉ बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष SDOP आयुष्मान अभय कुमार चौधरी जी एवं आयुष्मान सुरेश बारिवे सेवानिवृत्ति अधीक्षण अभियंता आयुष्मान आर. के. मरकाम अधीक्षण अभियंता एवं समिति के अध्यक्ष आयुष्मान नारायण चौकीकर द्वारा मोमबत्ती अगरबत्ती प्रज्वलित की गई तथा डॉ बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया तत्पश्चात बौद्ध विहार में बुद्ध वंदना ग्रहण की गई स्थानीय वक्ताओं द्वारा संविधान दिवस पर प्रकाश डाला गया। आयुष्मान सुरेश कुमार बारिवे ने कहा कि डॉ बाबासाहेब आंबेडकर जी ने हमें तीन मूल मंत्र दिये हैं शिक्षित बनो संगठित हो और संघर्ष करो।

आयुष्मान आर. के. मरकाम ने कहा कि संविधान में बहुत से अधिकार दिए गए है उनमें से आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर समानता के अधिकार मुख्य है, संविधान लागू होने के बाद शोषित पीडित समाज का प्रतिनिधित्व बढ़ा है और उनकी तरक्की भी हुई है विभिन्न राजनीतिक दल बनने के बाद हमारी कौम के लिए कोई आवाज़ नहीं उठा रहे हैं जिससे हमारा प्रतिनिधित्व घट रहा है इसके लिए हमें एकजुट होने की आवश्यकता है। त्रिरत्न बौद्ध विहार समिति के अध्यक्ष आयुष्मान नारायण चौकीकर ने कहा कि स्वतंत्र भारत के संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद थे। 29 अगस्त 1947 को डां बाबा साहब अंबेडकर जी को संविधान मसौदा समिति का अध्यक्ष बनाया गया तथा डॉ राजेंद्र प्रसाद, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना अब्दुल कलाम आजाद एवं अन्य बुद्धिजीवी विद्वान विधिवेत्ता व गणमान्य लोगों के परामर्श से भारत का संविधान डॉ बाबासाहेब आंबेडकर जी ने 2 वर्ष 11 माह 18 दिन के अथक परिश्रम से तैयार किया गया।

इसलिए तो डां बाबा साहब अंबेडकर जी को संविधान का शिल्पकार भी कहा जाता है। संविधान में समता, स्वतंत्रता, बंधुता, न्याय पर विशेष बल दिया गया है। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष आयुष्मान नारायण चौकीकर ने संविधान की प्रस्तावना का वाचन कर शपथ ली तथा सभी उपस्थित उपासक उपासिकाओं ने भी संविधान की प्रस्तावना का वाचन कर शपथ ली। मंच संचालन आयुष्मान किरण तायडे ने किया। इस अवसर पर बडी संख्या में लोग उपस्थित थे।आयुष्मान डी के अतुलकर, विठ्ठल ढोके, दिलीप मेश्राम भोपाल, बलवंत पाटील, रामचंद्र हुमने, संतोष मुलमुले, किरण तायडे, बी. आर. मेश्राम, हिरालाल चौकीकर, सौरभ, निर्माण डोगरे, चंद्रकांत थमके, राकेश महाले, धन्नू झरबडे, उकंडराव खातरकर, आयुष्मति नंदा थमके, ललिता खातरकर, निर्मला वामनकर, कोकिला महाले,मनोरमा हुमने, कंचना ढोके, वर्षा मेश्राम, ललिता पाटील, सुशीला खात्रीकर, सुशीला राऊत, निलिमा मुजमुले , शीला वहाने, सविता सिरसाठ, कान्ता मुजमुले, ममता चौकीकर, रिया चौकीकर, पार्वती थोरात, कलावती वानखेड़े, छाया झरबडे, देवकी झरबडे, सत्यकला मेश्राम, सुनिता खातरकर।