मासूम से दुष्कर्म कर हत्या कारित करने वाले आरोपी को अमरवाडा, न्यायालय जिला छिंदवाडा ने सुनाई मृत्युदंड की सजा

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मनोहर

जिला अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी ने जानकारी देते हुये बताया कि दिनांक 19.11.2020 को माननीय विशेष न्यायालय (पाँक्सो एक्ट)अमरवाडा जिला छिंदवाडा के द्वारा आरोपीगण को दोषी पाते हुए आरोपी रितेश उर्फ रोशन धुर्वे उम्र 22 वर्ष को धारा 366 भादवि मे 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रू का अर्थदंड, धारा 201 भादवि में 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रू का अर्थदंड, धारा 302 में मृत्युदंड की सजा एवं 500 रू के अर्थदंड से दंडित किया तथा लैंगिक अपराधो से बालको के संरक्षण अधिनियम की धारा 5(उ)6 में मृत्युदंड की सजा से दंडित किया गया है तथा आरोपी धनपाल उईके को धारा 201 भादवि में 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 2000 रू तथा लैंगिक अपराधो से बालको के संरक्षण अधिनियम की धारा 16,17 में 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 2000 रू  के अर्थदंड से दंडित किया गया।
मामला इस प्रकार हैं कि दिनांक 17.7.20 को थाना अमरवाडा में सूचना प्राप्त हुई की एक छोटी बच्ची खेलते समय कही गुम हो गई है। पुलिस द्वारा घटना स्थल जाकर तश्दीक उपरांत अपराध पंजीबद्ध किया गया एवं  अपहृता की तलाश शुरू की गई। विवेचना के दौरान लगातार पूछताछ में पुलिस को पता चला कि घटना दिनांक और समय को मृत्तिका बालक के पडोस में रहने वाला रितेश धुर्वे और धनपाल उईके अपने घर पर नही थे, संदेह के आधार पर रितेश उर्फ रोशन धुर्वे से पूछताछ की गई जिसने घटना कारित करना स्वीकार किया और बताया कि घटना दिनांक को मृत्तिका बालक को घर के सामने खेलते समय 10 रू का नोट दिखाकर अपने पास बुलाया और बकरी बाँधने के कोठे में लेजाकर मृत्तिका के मुँह  में लाल रंग की चुन्नी बाँधकर  बलात्कार किया जिससे मृत्तिका बालक की मौत हो गई, जिसे धनपाल के साथ मिलकर मृत्तिका के शव को बोरी में भरकर मोटर साईकिल MP28MH3176 से छोटा तालाब के पास माई के चबूतरा के पास माचागोराडेम में फेक दिये हैं जिस पर आरोपी के बताये अनुसार मृत्तिका बालक  का शव प्राप्त किया एवं साक्ष्य एकत्रित कर विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था।
मामले में संचालक लोक अभियेाजन म.प्र. भोपाल श्रीमान विजय यादव भा.पु.से. एवं श्रीमान संयुक्त संचालक एल.एस. कदम के द्वारा सतत निगरानी एवं वी.सी. से समीक्षा की जा रही थी। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री समीर कुमार पाठक डीपीओ द्वारा पैरवी की गई।