विद्युत कंपनियों के निजीकरण का विरोध

Scn news india

आशीष उघड़े 

सारनी — केंद्र सरकार ने 20 सितम्बर 20 को जारी निजीकरण का एक तरफा फरमान एवं राज्य सरकार की निजीकरण की नीतियों के विरोध में संयुक्त मोर्चा के 19 यूनियनों सहित अभियंता संघ के पदाधिकारियों की बैठक भोपाल में भारतीय मजदूर संघ के प्रांतीय कार्यालय में आयोजित की गई । जिसमें विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन की ओर से यूनियन के प्रांतीय महासचिव सुशील शर्मा ने भाग लिया । बैठक में निम्नांकित बिंदुओं पर सहमति हुई –
1. विद्युत कंपनियों निजीकरण का विरोध ।
2 संविदा पर नियुक्त कर्मचारी अधिकारियों को पूर्व से रिक्त पदों पर नियमित किया जाए ।
3.संविदा से खाली हुए पदों पर आउटसोर्स कर्मियों का कंपनी में संविलियन किया जावे।
लेकिन आंदोलन की शुरुआत सभी श्रमिक संगठनों से सहमति लेकर ही की जाएगी इसके लिए कोआर्डिनेशन कमेटी का भी गठन किया जाएगा श्री शर्मा ने कहा कि निजीकरण के कारण उड़ीसा राज्य विद्युत मंडल के कर्मचारीयो दयनीय स्थिति है । सरकार की गलत नीतियो के कारण उधोग घाटे में जाते हैं।

विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन के क्षेत्रीय महामंत्री अंबादास सूने ने बताया कि 1984 तत्कालीन कांग्रेस की सरकार ने सिंगल पाइंट कनेक्शन की योजना बनाई थी । सिंगल पाइंट कनेक्शन के नाम पर लेथ मशीन काम करती थी । सरकार को बिजली सस्ती चाहिए । निजी क्षेत्र की कंपनियां पहले सस्ती दरों पर बिजली देती है , फिर कीमत बढ़ाती है । पूरे देश में बिजली उधोग के निजीकरण का विरोध किया जा रहा है ।