कोरोना के बाद अब – स्क्रब टाईफस के मरीज, 4 मरीजो में 2 की हुई मौत 2 हुए स्वस्थ

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मोहम्मद आज़ाद 

स्क्रब टाईफस मरीजो के मिलने से भोपाल की टीम ने लिया गांव का जायजा
मरीजो के घरों से पकड़े चूहों का लिया गया ऑर्गन
सेम्पल भेजा लेब में
अजयगढ़ = स्क्रब टाइफस एक संक्रामक बीमारी है जो प्रायः जानवरों में होने वाला मौसमी रोग है और मनुष्यों में आ जाता है। घास काटने गए या अन्य बाहरी कार्य के दौरान मनुष्य संक्रमित कीट (चिगर्स) द्वारा काटे जाने पर इस बीमारी से ग्रसित हो सकता है। किसान, बागवान, खेतों या बगीचों में काम करने वाले मजदूर और अन्य कार्यों के लिए बाहर जाने वाले लोगों को इससे संक्रमित होने का ज्यादा खतरा रहता है। खेतों में पाए जाने वाले चूहे संक्रमण का मुख्य स्रोत हैं। स्क्रब टाइफस एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य में नहीं फैलता।

पिछले दो माह पूर्व स्क्रब टाइफ़स बीमारी के दो मरीज अजयगढ़ में मिले थे जो अब स्वस्थ है इस बीमारी को दृष्टिगत रखते जिला चिकित्सा अधिकारियों ने रिपोर्ट भोपाल भेजी जिस पर भोपाल से टीम आई जिसने उक्त मरीजो के गांव का भ्रमण कर उनके घरों से चूहों व छछून्दर को पकड़ा कर उनका स्टेट एंटोलोनोजिस्ट शैलेन्द्र सिंह द्वारा ऑर्गन ले कर जांच के लिए लैब भेज दिया गया है.

ये बीमारी चूहा छछून्दर गिलहरी व खरगोश से फैलती है । इस बीमारी स्क्रब टाइफस में तीव्र बुखार मुख्य लक्षण है। इसके अलावा सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सांस फूलना, खांसी, जी मितलाना, उल्टी होना इसके अन्य लक्षण हैं। कुछ मामलों में शरीर पर सूखे चकते भी हो सकते हैं। चिकित्सकों के अनुसार इससे बचने के लिए खेतों में काम करते समय हाथ-पैर को ढक कर रखना चाहिए।

अजयगढ में एक मरीज रावेंद्र कोरी पिता प्रमोद कोरी उम्र 17 वर्ष निवासी गुछारा ओर एक मरीज संगीता सेन पिता गनपत सेन उम्र 18 वर्ष निवासी प्रतापपुर मिले थे ये दोनों मरीज इलाज होने के उपरांत स्वस्थ है