अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए दर-दर भटक रहे आश्रित

Scn news india

हर्षिता वंत्रप 

सारनी -मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के अनुकंपा आश्रित 15 11 2000 के पूर्व के ऐसे प्रकरण बालिक आवेदक एवं आवेदकों ने जो सही समय सीमा पर अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए आवेदन किया था वह आवेदक आज दिनांक तक अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं जबकि मध्य प्रदेश के सभी विभागों में आज भी बिना शर्त अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा रही है अनुकंपा नियुक्ति संघर्ष संगठन के अध्यक्ष निराकार सागर ने बताया कि सन 1.9 .2000 को कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा वित्तीय स्थिति का हवाला देकर मध्य प्रदेश विद्युत मंडल एवं मध्य प्रदेश राज्य विद्युत मंडल में अनुकंपा नियुक्ति पर प्रतिबंध लगा दिया था।

जबकि मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी सरकार आने के बाद अनुकंपा आश्रितों ने बार-बार अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए मध्य प्रदेश के बिजली कंपनी के आला अधिकारी एवं प्रदेश के राजनेताओं से नियुक्ति प्रारंभ करने के लिए मिलते रहे तत्पश्चात भाजपा सरकार ने बिजली कंपनियों में 10 .4 .2012 के बाद के सामान्य एवं दुर्घटना प्रकरणों पर बिजली कंपनियों में अनुकंपा नियुक्ति देना प्रारंभ किया, परंतु 2000 के पूर्व के ऐसे प्रकरण जिनके लिए 30.1 .1997 का नियम आज भी लागू है उन्हें आज दिनांक तक नियुक्ति नहीं दी गई है ,जबकि 2000 के पूर्व के प्रकरणों पर प्रतिबंध हटने के पश्चात बिना शर्त नियुक्ति 97 के नियम अनुसार दिया जाना चाहिए था आश्रितों के बार-बार मांग करने पर पूर्व सरकार ने सन दो हजार से लेकर 2012 के बीच के दुर्घटना प्रकरणों पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई तत्पश्चात आज वर्तमान में कांग्रेसी सरकार से नियुक्ति की मांग करने पर दो हजार से 2012 के बीच के सामान्य प्रकरणों पर अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए नियम बनाए जा रहे हैं जिस में भी विभिन्न प्रकार के शर्तें लागू की गई है जो आश्रितों का मानवाधिकार का हनन हो रहा है निलेश त्रिपाठी एवं अजय भंडारी का कहना है कि कांग्रेश सरकार ने अपने वचन पत्र में सन 1997 से अनुकंपा नियुक्ति सरकार में आने के बाद देने का वादा किया था परंतु आज सरकार को लगभग 1 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं पर उन्होंने उनका प्रतिबंध दिनांक 1.9. 2000 के पूर्व के प्रकरणों पर नियुक्ति प्रदान करने के लिए कोई रीति नीति नहीं बनाई है जबकि इन प्रकरणों पर पहली प्राथमिकता देते हुए नियुक्ति प्रदान करना चाहिए था और इन आश्रितों की वर्तमान आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण विनय नियुक्ति प्रदान किया जाना चाहिए।

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