होल्ड खाते को चालू कराने परेशान हो रहे हितग्राही रोजगार सहायक कर रहा गुमराह

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आशीष उघड़े
सारणी। पीएम आवास से ग्रामीणों को अपना पक्का आशियाना तो मिल रहा है, लेकिन इसके लिए उन्हें कई परेशािनयों से भी दो-चार होना पड़ रहा है. हितग्राही बैंक और पंचायत के चक्कर काट-काटकर हितग्राही हताश हो गये है. दरअसल पीएम आवास के लिए तीन किस्तों में हितग्राहियों को राशि मिल रही है. राशि खाते में आते ही कभी खाता होल्ड होने तो कभी राशि के इंतजार में हितग्राही महीनों से खुले आसमान के नीचे जीवन बिता रहे है. सबसे ज्यादा पंचायतों में ऐसे मामले सामने आ रहे है, जहां हितग्राही के खाते में किस्त की राशि तो आ गई है, लेकिन खाता ही होल्ड करवा दिया गया. विक्रमपुर पंचायत के मोरडोंगरी निवासी हितग्राही सुनीता पति शिवशंकर लोभांसे और सुखवंती पति सायबूलाल ने बताया कि पीएम आवास की दूसरी किस्त निकालने बैंक पहुंचे तो पता चला कि खाता होल्ड है. खाता चालू कराने पंचायत पहुंचते है तो सरपंच-सचिव नहीं मिलते, रोजगार सहायक भी गुमराह कर रहा है कि बैंक साथ लेकर चलो तो खाता खुलेगा. दूसरी ओर मटेरियल के भुगतान के लिए भी दुकानदारों की प्रताडऩा झेलनी पड़ रही है. हितग्राहियों का कहना है कि रोजगार सहायक ने दस्तावेज जमा करने के लिए कहा था वह जमा भी कर दिये है, लेकिन अब तक खाते चालू नहीं हुए है.
बैंक में लाईन, पंचायत के चक्कर – खाता चालू कराने के लिए लंबी प्रोसेस से हितग्राही परेशान है. हितग्राहियों को पहले बैंक जाकर बड़ी लाइन में लगना पड़ता है, फिर जब नंबर आता है तो पता चलता है कि खाता होल्ड किया गया है. अनहोल्ड करने लिखाकर लाओ. जिसके लिए भी बार-बार पंचायतों के चक्कर काटने पड़ते है. वहां भी सरपंच-सचिव और रोजगार सहायक हितग्राहियों से सीधे मुंह बात तक नहीं करते और टालामटोली करते है. कई सचिव तो फोन तक नहीं उठाते. जिससे हितग्राहियों को सहीं जानकारी तक नहीं मिल पाती.
इनका कहना है
हमने घर जाकर हितग्राही को अच्छे से समझा दिया है और नोटिस दे दिया है. आपको मामले में परेशान होने की जरूरत नहीं. – सोनू उइके, रोजगार सहायक, विक्रमपुर पंचायत
हितग्राहियों ने निर्धारित मापदंड से बड़ा मकान बनाया था. जिससे उनका खाता होल्ड किया गया था. हितग्राहियों को मापदंड के अनुसार मकान निर्माण के लिए कहा था. जिसके बाद खाते से होल्ड हटाने के लिए कह दिया था. मैं जानकारी ले लेता हूं कि अब तक खाते से होल्ड क्यूं नहीं हटा. – दानिश खान, सीईओ, जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी