अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे मछली कांटा के लोग

Scn news india

आशीष उघड़े 

पिछले छह दशकों से सारणी के पास स्थित मछली कांटा आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। पानी सड़क जैसी सुविधा तो दूर की बात है क्षेत्र में बड़ी गाड़ीयां भी नहीं जा सकती है, उस पर से सतपुड़ा जलाशय में फैली खरपतवार की वजह से मछलियों की मृत्यु हो जाने से मछुआरों की का मूल रोज़गार भी छीन गया है। जिस वजह से क्षेत्र के युवा अवैध गतिविधियों की तरफ बढ़ रहे हैं जो की युवाओं के परिवारों और प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना रहता है। किंतु कोई स्थाई समाधान नहीं निकलने की वजह से यहां के हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। मछली कांटा निवासी लोगों का कहना है कि नगर पालिका अध्यक्ष के माध्यम से उनका वार्ड गोद लिए जाने पर लोगों में एक उम्मीद जागी थी कि अब मछली कांटा क्षेत्र में विकास की गंगा बहेगी, चुनाव से पहले नगर पालिका सारणी अध्यक्ष के माध्यम से भी बड़े-बड़े वादे किए गए थे और लोगों को लुभाने का हर संभव प्रयास किया गया था परंतु चुनाव जीतने के बाद अध्यक्ष के माध्यम से वर्ड को गोद तो लिया गया लेकिन यह वर्ड आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। जिस पर यहां के लोगों में मायूसी छाई हुई है, किसी भी विभाग व राजनेताओं के माध्यम से मछली कांटा सारणी में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के इस मामले को हल करने का कोई सफल प्रयास नहीं किया गया ।

मध्य प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी द्वारा दशकों पहले मछली कांटा आने जाने के लिए एक लोहे का छोटा सा सेतु केनाल पर बनाया गया था, आज यह सेतु जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है, किसी भी समय यहां पर बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
इस विषय पर नगर पालिका अध्यक्ष का कहना है कि उन के माध्यम से उक्त वार्ड को गोद लिया गया है और कई बार प्रयास किया जा चुका है कि वहां नए सेतु का निर्माण हो और विकास किया जाए परंतु मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा इस संबंध में एनओसी नहीं दी जा रही है, हालांकि सवाल यह उठता है कि अध्यक्षा महोदय जब स्थिति से अवगत है तो उन के माध्यम से अब तक कोई सफल प्रयास क्यों नहीं किया जा रहा है? चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे कर देना से लोगों में उम्मीद जगा कर और फिर मध्य प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी द्वारा एनओसी ना दिये जाने का बहाना लेकर अध्यक्षा महोदय अपनी जिम्मेदारियों से बचती हुई नज़र आ रही हैं। चुनाव जीतने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा अगर सही तरह से प्रयास किए जाते तो संभव था कि मध्य प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी से मछली कांटा में विकास करने हेतु एनओसी मिल जाती, लेकिन अध्यक्षा, व अन्य राजनेताओं के उदासीनता और मध्य प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी के स्थानीय अधिकारियों की नकारात्मक सोच के चलते मछली कांटा आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।

नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं के इस पूरे मामले को लेकर जब मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी सारणी के सिविल विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता निमारे से संपर्क किया गया तो उन के माध्यम से इस संबंध में कोई जानकारी ना होने का हवाला दिया गया। इसके बाद जब मध्य प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी के पीआरओ अमित बंसोड़ से इस संबंध में संपर्क किया गया तो उन के माध्यम से जानकारी ना होने का हवाला देकर फोन रख दिया गया। हैरानी की बात है कि सरकारी अधिकारियों द्वारा नागरिकों की मूलभूत सुविधा के मामले पर इस तरह से नजरें फेर ली गई है और संबंधित विभाग से संबंध होते हुए भी कोई जानकारी ना होना गंभीर विषय है। इससे यह पता चलता है कि अधिकारी अपने कर्तव्यों को लेकर किसी भी तरह से गंभीर नहीं है व उन्हें अपने कार्यक्षेत्र के संबंध में ही जानकारी नहीं है जिसका नतीजा आज क्षेत्र की जनता भुगत रही है।