इन 6 राज्‍यों में 1 और 2 नवंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना, IMD मौसम विभाग ने किया अलर्ट

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मनोहर

इस समय देश में दो तरह का मौसम चल रहा है। कुछ राज्‍यों में सर्दी की दस्‍तक हो चुकी है। कहीं बारिश पूरी तरह से थम गई है और मौसम सूखा व साफ हो गया है। लेकिन दूसरी तरफ अभी भी बेमौसम बारिश का खतरा बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग IMD का कहना है कि अगले दो दिन यानी 1 और 2 नवंबर को 6 राज्‍यों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन राज्‍यों में असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा के नाम शामिल हैं। इन राज्‍यों में बारिश के अलावा तेज हवा और आंधी के भी आसार हैं। 31 अक्टूबर को पूर्वी पूर्व और बंगाल की पूर्वोत्तर खाड़ी से सटे उत्तरपूर्व और पूर्वोत्तर में मौसम बदल सकता है। बंगाल की पूर्व-पूर्वी खाड़ी से सटे उत्तरपूर्व 40-50 किमी प्रति घंटा की गति से हवा चलेगी। यहां के लिए मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे इस क्षेत्र में न जाएं। इस समय एक चक्रवाती प्रभाव तमिलनाडु तट पर और बंगाल के दक्षिण-पश्चिम खाड़ी के समीप सक्रिय हो रहा है। दूसरा चक्रवाती प्रभाव दक्षिण-पूर्व अरब सागर में केरल तट पर निचले और मध्य स्तर पर स्थित है। जानिये देश में कहां कैसा मौसम रहेगा।
मध्‍य प्रदेश में हुई ठंड की दस्‍तक, आगे यह है अनुमान
मानसून सीजन खत्म होने के बाद अब गुलाबी सर्दी दस्तक दे चुकी है। हवा का रूख उत्तर से पश्चिम की ओर हो गया है। उत्तर की हवा जम्मू कश्मीर से अपने साथ ठंडक लेकर आने लगी है। इससे न्यूनतम तापमान में गिरावट जारी है। साथ ही अधिकतम तापमान भी धीरे-धीरे कम होने लगा है। जैसे ही जम्मू कश्मीर में बर्फबारी का का दौर शुरू होगा, वैसे ही दिन के तापमान में तेजी से गिरावट आएगी। दीपावली के बाद से दिन के तापमान में तेजी से गिरावट आने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रीय होने से जम्मू कश्मीर में बर्फबारी का दौर शुरू होगा। इससे दिन में भी सर्दी बढ़ जाएगी। शनिवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.8 डिसे कम रहा। हवा में नमी 75 फीसद रही। सुबह 10 बजे तक धूप भी तेज नहीं थी। इस कारण अधिकतम तापमान में भी एक डिग्री तक की गिरावट के आसार हैं।
उत्‍तर प्रदेश में नवंबर में बढ़ सकती है सर्दी, धुंध
मौसम का मिजाज बदलने लगा है, प्रदूषण का स्तर भी लगातार बढ रहा है। ऐसे में नवंबर में धुंध छा सकती है, इससे दिन भर अंधेरा रहेगा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आएगी। डीईआई के पर्यावरण विशेषज्ञ डा रंजीत कुमार ने बताया कि नवंबर में सुबह और रात के तापमान में लगातार गिरावट आएगी। सुबह सर्द हवा चलने से प्रदूषक तत्व निचली सतह पर आ जाएंगे, दिन भर सर्द हवा चलने से प्रदूषक तत्व ऊपरी सतह पर नहीं जाएंगे और दिन भर धुंध छाई रह सकती है। इससे अंधेरा छाया रहेगा। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि नवंबर में न्यूनतम तापमान 12 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच में रहेगा।
श्रीनगर में शून्य के करीब पहुंचा पारा, इस साल कड़ाके की सर्दी के संकेत
श्रीनगर में तापमान शून्य के करीब पहुंचने लगा है और कड़ाके की सर्दी पड़ने लगी है। साल 2020 में सर्दियों का आरंभ पहले हो रहा है। सर्दी का यह मौसम लंबे समय तक जारी रह सकता है। साथ ही साथ इस साल कड़ाके की सर्दी हो सकती है और इन सब के लिए मुख्यतः ला नीना के प्रभाव को जिम्मेदार माना जा रहा है।श्रीनगर में 27 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान 0.1 डिग्री सेल्सियस और उसके बाद 30 अक्टूबर को 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह समय से थोड़ा पहले है। जम्मू कश्मीर के श्रीनगर शहर में आमतौर पर अक्टूबर के आखिर तक पारा शून्य के करीब नहीं पहुंचता है। खासतौर पर तब जब उत्तर भारत में कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ नहीं आ रहे हों और पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर देखने को नहीं मिल रहा हो।
श्रीनगर में आमतौर पर बर्फबारी की शुरुआत दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में शुरू होती है। इससे पहले श्रीनगर समेत घाटी के शहरों में बर्फबारी सामान्य मौसमी घटना नहीं है। लेकिन अपवाद भी हैं। वर्ष 2018 में 3 नवंबर को कश्मीर में भारी हिमपात हुआ था जिसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग समय से पहले बंद करना पड़ा था।