अद्भुत – जादुई चिराग

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मनोहर
कोंडागांव -बस्तर के कोंडागांव कुम्हारपारा में रहने वाले श्री अशोक चक्रधारी ने मिटटी से एक ऐसा स्वचालित दीपक बनाया है जो लगातार 24 से 48 घंटे लगातार जलाया जा सकता है। जिसके लिए श्री अशोक चक्रधारी को नेशनल मेरिट एवार्ड से सम्मानित भी किया गया है। मिटटी का बना यह दिया दो हिस्सों में है जिसमें नीचे का हिस्सा एक गोलाकार आधार के साथ दिया है जिसमें बत्ती लगायी जाती है। दुसरा हिस्सा चाय की केतली की तरह ही एक गोलाकार छोटी सी मटकी का पात्र है जिसमें तेल भरा जाता है। तेल निकलने के लिये मिटटी की नलकी इसमें बनाई गई है। इस गोलाकार पात्र में तेल भरकर दिये वाले आधार के उपर उल्टा कर सांचे मे फीट कर दिया जाता है।
गोलाकार पात्र में तेल भरकर इसे इस तरह से उल्टा फीट किया जाता है कि तेल निकलने वाली नलकी ठीक दीये के उपर रहती है और उसमें से अपने आप तेल बून्द बून्द निकलकर दिये में दिये में भर जाता है और दीये में तेल भरने के बाद इसमें से तेल निकलना अपने आप बंद हो जाता है। यह बात बेहद ही आश्चर्य जनक लगती है कि जब उसमें पुरी तरह से तेल भरा हुआ है तो दीपक में तेल भरने के बाद तेल निकलना अपने आप कैसे बंद हो जाता है। यह एक तरह से जादू ही है। इसलिये इस दिये को बनाने वाले श्री अशोक चक्रधारी जी ने इसे जादुई दिया का नाम दिया है। जो लगातार  24 से 48 घंटे लगातार जलाया जा सकता है। जिसके लिए श्री अशोक चक्रधारी को नेशनल मेरिट एवार्ड से सम्मानित भी किया गया है।