सरकारी तंत्र की व्यवस्थाओं से परेशान किसान सुविधाएं हवाहवाई

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डैम का पानी किसानों के खेतों में न पहुँचने से किसान परेशान 
-लगभग 8 करोड़ की लागत से 2011-12में बने बृन्दावन डैम से किसान होते हैं हर वर्ष परेशान 
-चार गांव के लगभग दो हजार किसान पानी न मिलने से आगामी खेती करने के लिए चिंतित
-सिचाई विभाग की लापरवाही व अनदेखी के चलते डैम व नहर की नही होती है मेंटिनेंस,

रविकांत चतुर्वेदी की रिपोर्ट 

पन्ना -देवेंद्र नगर – भले ही प्रदेश व केंद्र सरकार किसानों के मुद्दे को हर चुनावी मंच से उठाती रही हो…।बड़े बड़े वादों के साथ किसानो की आय दोगुनी करनी की बात कही जा रही हो….।लेकिन किसान आज भी सरकारी तंत्र की व्यवस्थाओं से बहुत परेशान है…। जिसका ताजा मामला पन्ना जिले से सामने आया है…।जहाँ पर गढ़ीपड़रिया गांव के पास बने बृन्दावन डैम का पानी किसानों को नही मिल रहा है…..। नहर व डैम में कई जगह से सीपीज होने की वजह से डैम का पानी किसानों के खेतों की बजाय नालों में जा रहा है….।जिससे किसानों को आगामी फसल के लिए सिचाई करने की चिंता सता रही है….।औऱ किसान सिचाई विभाग से जल्द नहर सहित डैम की रिपेयरिंग कर पानी खेतों तक उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं….।लेकिन सरकार के लाचार सिस्टम से सिर्फ आश्वासन के अलावा किसानों को कुछ हासिल नही हो पा रहा है….।

केंद्र व प्रदेश सरकार भले ही किसानों की आय दोगनी करने के लिए लाख प्रयास कर रही है और किसानों के खेतों तक सिचाई की सुविधा के लिए पानी पहुँचाने के उद्देश्य से करोड़ो रूपये की लागत से बड़े बड़े बाँध व डेमो का निर्माण कर रही है….।लेकिन सरकार का लापरवाह व लचर सिस्टम सरकार के उद्देश्य पर पानी फेरने में पीछे नही रहता है…..। ठीक इसी प्रकार का मामला पन्ना जिले से सामने निकलकर आया है…..।जहाँ पर गढ़ीपड़रिया गांव के पास वर्ष 2011 -12 में किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाकर सिचाई के उद्देश्य से लगभग 8 करोड़ की लागत से सिचाई विभाग ने बृन्दावन डैम का निर्माण करवाया था…..।चार गांव के किसानों के खेतों तक पहुचाने के लिए 4 किलोमीटर की लंबी नहर भी बनाई गई….।जिसके माध्यम से किसानों के खेतों की सिचाई होनी थी….।इस नहर से गढ़ीपड़रिया,रानीपुरा ,मखरा ककरहटी,रंजोरपूरा,गांवों के लगभग 2 हजार किसानों को इस डैम व नहर से पानी मिलना था….।लेकिन सिचाई विभाग के द्वारा डैम व नहर निर्माण में की गई लापरवाही का नतीजा आज भी इन चार गांवों के 2 हजार किसान भुगत रहे हैं…..।

आलम इस कदर खराब हैं कि डैम कई जगह से सीपीज हो चुका है…।जिससे पानी नहर में न जाकर इधर उधर इन्वेस्ट हो रहा है….।इसी प्रकार नहर की रिपेयरिंग का काम कभी नही किया गया….।जिससे नहर जगह जगह टूट चुकी है….।किसान नहर में अपने पैसों से बोरी बंधान कर परेसान है वावजूद उंसके पानी खेतो तक नही पहुँच रहा है….।जिससे किसानों को आगामी खेती करने के लिए चिंता सता रही है….।फिलहाल किसानों के खेतों में रवि की फसल के लिए जुताई का काम चल रहा है….।

कुछ किसानों के खेत पानी लगने के लिए तैयार है लेकिन पानी न मिलने से किसानों को अब आगामी रवि की फसल की बुवाई की चिंता सताई जा रही है…।स्थानीय किसानों ने सिचाई विभाग व जिला प्रशासन से नहर सहित डैम की रिपेयरिंग की मांग की है….।लेकिन मामले पर पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा सिचाई विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की मीटिंग कर जल्द किसानों को पानी पहुँचाने की बात कह रहे हैं…..।लेकिन सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जब किसानों के खेत पानी मांग रहे हैं तब रिपेयरिंग का काम करवाया जाएगा तब तक किसान अपनी फसल बोने के लिए लेट हो जायेंगे…..। वहीं अब देखने वाली बात होगी क्या जिला प्रशासन मामले को गम्भीरता से लेकर कब तक नहर की मरम्मत करवाकर किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाने का काम करती है या फिर हर साल की तरह इस वर्ष भी किसानों को खेतों में पानी लगाने के लिए दूसरी व्यवस्था का सहारा लेना पड़ेगा…।