बेगुनाहों के साथ मारपीट करने मे हटा पुलिस अब्बल तालिबानी अंदाज में हटा पुलिस ने की मजदूर की पिटाई

Scn news india

[ditty_news_ticker id=”56565″]

रविकांत बिदौल्या 

दमोह – हटा पुलिस द्वारा दर्ज किए गए फर्जी मारपीट के मामले के बाद अब बेगुनाहों के साथ मारपीट करने के मामला सामने आया है। जिससे हटा पुलिस का रवैया अब अमन पसन्द वासियो के लिए सिर दर्द बन गया है।
पिछले सप्ताह रोढा निवासी एक पंडित के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने के बाद बरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संज्ञान नहीं लेने से कोर्ट की शरण लेनी पड़ी थी कि अब एक और मामला मारपीट से पैर टूटने का प्रकाश में आया है। कुशवाहा समाज के लोगों ने शनिवार को एसपी हेमंत चौहान के यहां एक ज्ञापन सौपा है। जिसमें उल्लेख किया गया है कि 15 अक्टूबर को आजाद वार्ड में एक परिवार मे चोरी की घटना हुई थी, उसी दिन कमलेश पटेल किसी काम से अपने घर हिंडोरिया गया था और पुलिस ने शक के आधार पर पहले पुत्र आकाश पटेल को 16 अक्टूबर और मेरे लिए 18 अक्टूबर को हिन्डोरिया के मुकरवा मोहल्ले से मेरे घर से लेकर आई और लाक अप में बंद कर मारपीट, गाली गलौज की। मेरे द्वारा पूछने पर पता चला कि मोहल्ले में चोरी की पूछताछ हो रही हैं। तीन दिन तक मारपीट करने के बाद मुझे 151 की कार्यवाही कर छोड दिया। मेरी पत्नी से बीस हजार रुपए की बार बार मांग की गई लेकिन पैसे नहीं देने से मेरा पैर तोड दिया गया। हटा टीआई दीपक खत्री, एएसआई इंद्राज सिंह, आरक्षक जितेंद्र लडिया, निशांत, भगत ने मारपीट की। ज्ञापन सौपने वालों में पप्पू कुशवाहा, शिवशंकर पटेल, लीलाधर पटेल, शैलेंद्र कुशवाहा आदि शामिल रहे।