मोरखा में शिक्षकों की व्यवस्था नहीं होने पर पालक बोले–सामूहिक रूप से निकालेंगे टीसी

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दिलीप पाल
आमला. हायर सेकेंडरी स्कूल मोरखा में शिक्षकों की की को लेकर पालकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। यहां तक कि कुछ अभिभावकों ने अब स्कूल से टी सी निकालने का मन बना लिया है।अभिभावकों का कहना है कि यूं तो कोरोना संकट के चलते पहले से ही बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है और जब स्कूल में शिक्षक ही नहीं है तो बच्चों को किसके भरोसे पढ़ाए,बच्चों का भविष्य अंधकारमय नज़र आ रहा है।ज्ञात हो कि हायर सेकेंडरी स्कूल मोरखा में अध्यापन कार्य हेतु अब कोई भी शिक्षक नहीं है,मोरखा सहित आस-पास के लगभग एक दर्जन ग्रामों के छात्र छात्राएं यहां पढ़ने आते हैं। वर्तमान सत्र में स्कूल में 350 से अधिक विद्यार्थी दर्ज है।उनकेे भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लग गया है।
ग्राम मोरखा के वरिष्ठ अधिवक्ता बलरामसिंह वर्मा का कहना है कि लगभग पिछले आठ से दस वर्षों में विद्यालय में एक भी स्थाई प्राचार्य नियुक्त नहीं किए गए,कभी कोई आए तो जल्द ही उन्होंने अपना ट्रांसफर करवा लिया।धीरे-धीरे शिक्षकों ने भी अपना ट्रांसफर करवा लिए। सभी लोग शहरों की ओर जाना चाहते हैं इसीलिए सभी ने शहर के आस पास वाले विद्यालय में अपना स्थानान्तरण करवा लिया है। इसलिए मोरखा स्कूल की यह स्थिति हो गई है।शासन द्वारा जल्द ही शिक्षकों की स्थाई व्यवस्था की जानी चाहिए।
अभिभावक किशन पटेल का कहना है कि ये मोरखा क्षेत्र वासियों के लिए बहुत ही दुर्भाग्य का विषय है कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोरखा में कक्षा नौवीं से बारहवीं तक बच्चों के अध्यापन कार्य हेतु कोई भी शिक्षक उपलब्ध नहीं है। पड़ोसी स्कूल से शिक्षक बुला कर प्रभार सौंपा गया है। बच्चों कि पढ़ाई बहुत प्रभावित हो रही है।आनलाइन क्लासेस भी प्रभावित हुई है।शिक्षकों की व्यवस्था हेतु जिला शिक्षा विभाग को गंभीरता से सोचना होगा एवं विद्यालय में शिक्षकों की जल्द ही स्थाई व्यवस्था करनी होगी।
ग्राम खारी के अभिभावक भागवत यादव का कहना है कि हमारे गांव से लगभग आठ किलोमीटर दूर है हमारे बच्चे हायर सेकेंडरी स्कूल मोरखा पढ़ने जाते हैं,अभी नियमित कक्षाएं नहीं लग रही है लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण आनलाइन पढ़ाई भी अच्छे से नहीं हो पा रही है।बच्चों के भविष्य का क्या होगा यही चिंता सता रही है।शिक्षकों की व्यवस्था नहीं होने पर स्कूल से टीसी निकालने का मन बना लिया है।
ग्राम मोरखा के अभिभावक पूरनसिंह रघुवंशी,गोकुल रघुवंशी का कहना है कि वर्तमान में हायर सेकेंडरी स्कूल मोरखा में शिक्षकों के नहीं होने से पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही है जैसे ही कक्षाएं लगना प्रारंभ होंगी बच्चों को कौन अध्यापन कराएगा?बच्चों के भविष्य का क्या होगा?इस और शासन का ध्यान नहीं है;ऐसी स्थिति में हम सामूहिक रूप से अपने बच्चों की स्कूल से टीसी निकाल कर उन्हें अब घर बैठाने का मन बना लिया है।जब शिक्षकों की व्यवस्था ही नहीं हो सकती तो किसके भरोसे स्कूल भेजें।बच्चों के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ क्यूं किया जा रहा है?