नेशनल रेलवे मजदूर यूनियन के आह्वान पर की सरकार से बोनस दिए जाने की मांग

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आमला से दिलीप पाल की रिपोर्ट

आमला. बोनस भीख नहीं अधिकार है कुर्बानियां दे कर प्राप्त किया है बोनस आल इंडिया रेलवे मैन्स फेडरेशन एव नेशनल रेलवे मजदूर यूनियन के आह्वान पर बोनस मांग दिवस पर NRMU शाखा आमला द्वारा शाखा अध्यक्ष कामरेड राजेश कोसे की अध्यक्षता मे आमला लाबी कार्यालय के बाहर गेट मीटिंग का आयोजन किया। covid 19 की गाइड लाइन का पालन करते हुये रेल कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जम कर नारे बाजी करते हुए रोष प्रकट किया और बोनस की मांग की।

मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित आमला शाखा सचिव कामरेड एम.के.ठेपे ने कर्मचारियों को सम्भोधित करते हुए केंद्र सरकार एवम रेल प्रशासन की कार्यप्रणाली की निन्दा करते हुए उत्पादकता के आधार पर बोनस की मांग की।उन्होंने कहा कि यह बोनस 2019-2020 की कमाई का है। उन्होंने कहा कि बोनस रेल कर्मियों का अधिकार है कोई भीख नहीं है।कामरेड शेख सफी ने कहा कि अगर आज बोनस की मांग पर केंद्र सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया तो 22.10.2020 से पूरे भारत मे रेल का चक्का जाम किया जाएगा।उन्होंने इस संघर्ष के लिए सभी से लामबद्ध होने की अपील की।आमला शाखा सचिव कामरेड राजेश कोसे ने कहा कि रेल कर्मचारियों ने कुर्बानियां दे कर बोनस प्राप्त किया है ।उन्होंने कहा कि कुर्बानियां व्यर्थ नहीं जाएगी और सरकार ने फैसला नही किया तो कर्मचारी रेल का चक्का जाम कर इतिहास दोहराने को तैयार हैं।इसके अतिरिक्त काँ वी के पालीवाल सर ,अनूप गौर ,पवन देशमुख , पंकज पाठक ,सुनील गुप्ता ,ने भी कर्मचारियों को सम्भोधित करते हुए केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों की निंदा की ओर बोनस की मांग की।