पड़ोसी स्कूल से उधार लिया शिक्षक,हायर सेकंडरी स्कूल मोरखा शिक्षक विहीन,शिक्षक,प्राचार्य को नियुक्त करने की मांग

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दिलीप पाल
आमला.विकासखंड के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल मोरखा में शिक्षकों के सभी पद रिक्त हैं,विद्यालय अब शिक्षक विहीन हो गया है। वर्तमान में माध्यमिक शाला डुडरिया के प्रधान पाठक यहां का प्रभार संभाल रहें हैं।विगत कुछ वर्षों से शिक्षकों के अभाव में बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है।शिक्षा व्यवस्था एकदम ठप्प पड़ चुकी है।जिससे अभिभावकों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों में काफी आक्रोश पनप रहा है। हायर सेकेंडरी स्कूल मोरखा इस क्षेत्र की संकुल शाला है जिसके अंतर्गत लगभग 50 से अधिक प्राथमिक,माध्यमिक,हायर सेकेंडरी एवं अशासकीय विद्यालय आते हैं।संकुल कार्यालय होने के बावजूद यहां पर कक्षा 9 से 12 तक एक भी शिक्षक नियुक्त नहीं है जिससे सारी व्यवस्थाएं बिगड़ गई है एवं पढ़ाई भगवान भरोसे है।हायर सेकंडरी स्कूल में एक भी शिक्षक नहीं और इस विषय में जिला शिक्षा विभाग बेखबर है यह बहुत आश्चर्य का विषय है।
मोरखा के सक्रिय समाजसेवी और भाजपा नेता किशनसिंह रघुवंशी का कहना है कि वर्ष 1992 से ग्राम मोरखा में हायर सेकेंडरी स्कूल संचालित है जिसमें कुछ समय तो नियमित स्टाफ एवं स्थाई प्राचार्य रहे लेकिन पिछले लगभग 10 वर्षों से विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य ही कार्य संभाल रहे हैं तथा धीरे-धीरे यहां के शिक्षक शिक्षिकाएं स्थानांतरित होकर चले गए। वर्तमान में कक्षा नौवीं से बारहवीं तक कोई भी शिक्षक नहीं है जो कक्षाएं नियमित रूप से संचालित कर पाए। पड़ोस के सरकारी स्कूल के शिक्षकों के भरोसे शाला संचालन हो रहा है।समस्या से पूर्व में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है वर्तमान में पुनः आमला विधायक एवं जिले के सांसद को इस समस्या से अवगत कराया जाएगा।
ग्राम के जितेंद्र सोनी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में यहां के पदस्थ कर्मचारियों का स्थानांतरण हो जाने के कारण शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में चार्ज संभालने वाले शिक्षक भी नहीं है फिलहाल डुडरिया के प्रधान पाठक को यहां का चार्ज सौंपा गया है।वर्तमान स्थिति में कोरोना संकट के चलते विद्यालय संचालन नहीं हो रहा है इसलिए अब तक काम चल गए लेकिन यदि विद्यालय में कक्षाएं लगना प्रारंभ होती है बच्चों की पढ़ाई भगवान भरोसे ही होगी। वैसे भी ज्यादातर शिक्षक शहरों में रहना पसंद करते हैं।शिक्षा विभाग द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जाना लापरवाही दर्शाता है।
अभिभावक गोकुल रघुवंशी का कहना है कि शासन द्वारा मोरखा हाई सेकेंडरी स्कूल में शिक्षकों की कमी को जल्दी पूरा किया जाना चाहिए उच्च अधिकारियों को यह सोचना चाहिए कि कक्षाएं कैसे प्रारंभ होगी।कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों को कौन पढ़ाएगा?स्कूलों का सारा रिकॉर्ड अधिकारियों के सामने रहता है फिर भी उन्हें इस विषय में अब तक कोई जानकारी नहीं है यह बहुत आश्चर्य का विषय है।शिक्षा विभाग की बच्चों की पढ़ाई के प्रति इतनी संवेदनहीनता उचित नहीं है उच्च अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए तथा प्राचार्य और शिक्षकों को स्थाई रूप से यहां पदस्थ करना चाहिए।
मोरखा के अधिवक्ता कैलाशसिंह वर्मा का कहना है कि मोरखा के हायर सेकेंडरी स्कूल से जिला शिक्षा विभाग द्वारा इतना भेदभाव क्यों किया जा रहा है?यहां मोरखा सहित आस-पास के बहुत से गांव के छात्रा-छात्राएं स्कूल में अध्ययनरत है,उनके भविष्य का क्या होगा।इसके साथ ही हायर सेकेंडरी स्कूल मोरखा संकुल शाला है जहां लगभग 50 से अधिक शासकीय अशासकीय स्कूलों का सीधा संपर्क होता है। शिक्षा विभाग द्वारा इतनी लापरवाही उचित नहीं है,विभाग द्वारा जल्द ही यहां स्थाई प्राचार्य एवं शिक्षकों की पद संरचना अनुसार नियुक्ति की जानी चाहिए‌। शिक्षकों के नहीं होने से पालकों,विद्यार्थियों एवं क्षेत्रवासियों में काफी आक्रोश है।
इनका कहना है

मोरखा हाई स्कूल नए शिक्षकों की कमी और रिक्त पदों की जानकारी उच्चाधिकारियों को प्रेषित की गई है शासन स्तर से ही पद की पूर्ति की जाएगी

एस. डी.वरकड़े खंड शिक्षा अधिकारी आमला