रंग ला रही एससीएन न्यूज इंडिया की मुहीम -सरकार कर रही डिजिटल मीडिया को पीआईबी मान्यता देने पर विचार

Scn news india

 

मनोहर

एससीएन न्यूज इंडिया की मुहीम धीरे धीरे रंग ला रही है। 2G  टेक्नों लॉजी  के दौर से शुरू हुई हमारी डिजिटल मीडिया यानी पेपर लेस और केबल लेस  पत्रकारिता की मुहीम की गति को  4 G ने चौगुनी बढ़ा दी । बेशक 2008 से 2018 तक खूब मजाक उड़ा, कई उतार -चढाव आये , कई बार फर्जी मीडिया का लेबल भी लगा दिया, प्रशासन मीडिया मानने से नकारता रहा,और तो और अपने ही भाइयों ने 15 अगस्त 26 जनवरी पर डिजिटल मिडिया को विज्ञापन ना मिले इस लिए सुचना प्रसारण का हवाला दे कर हर वर्ष खबरें प्रकाशित कर कारवाही का भय दिखाया । किन्तु  विचलित नहीं हुए है।

हम जानते थे कि किसी भी क्रान्ति की प्रतिक्रिया यही है । मानव का मस्तिष्क किसी भी नए बदलाव को जल्दी स्वीकार नहीं करता ,फिर ये तो भारत के चौथे स्तम्भ में बड़ा बदलाव था। और ये बदलाव आज अपना आकार  ले चूका है। कुछ मिले ना मिले लेकिन इतिहास में कभी ना कभी – कहीं  न कहीं हम इस बदलाव में योगदान देने के लिए चर्चा में जरूर होंगे। ऐसा नहीं है की हम ही अकेले इस डिजिटल मीडिया की क्रांतिकारी पहल में शामिल थे। और भी हमारे साथी थे। लेकिन वे  साधन संपन्न थे।

ख़ुशी है कि भारत सरकार ने इसे कानूनी मान्यता ही नहीं दी बल्कि इसे  रोजगार में परिवर्तित करने की दिशा में भी अहम् भूमिका निभाई  है और अब सरकार की ओर से जल्द ही मीडिया निकायों को एक सौगात मिल सकती है। सरकार ने शुक्रवार को कहा कि निकट भविष्य में वह डिजिटल समसामयिक विषयक एवं समाचार मीडिया निकायों के संवाददाताओं, छायाकारों और वीडियोग्राफरों को पीआईबी मान्यता जैसे लाभ देने पर विचार करेगी। साथ ही केंद्र ने डिजिटल मीडिया निकायों से अपने हितों को आगे बढ़ाने एवं सरकार के साथ संवाद के लिए स्वय-नियमन संस्थाओं का गठन करने की भी अपील की।

अपलोडिंग/स्ट्रीमिंग के लिए सरकारी अनुमोदन मार्ग

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से  मिली जानकरी के मुताबिक ये कदम उद्योग संवर्धन एवं अंदरूनी व्यापार विभाग के प्रेस नोट के अनुरूप सरकार के निर्णय की दिशा में उठाया गया है। बता दें कि सरकार ने डिजिटल मीडिया के माध्यम से समसामयिक विषयों एवं खबरों के अपलोडिंग/स्ट्रीमिंग के लिए सरकारी अनुमोदन मार्ग से 26 फीसद प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की मंजूरी दी थी।

आधिकारिक संवाददाता सम्मेलन में भागीदारी

मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि फिलहाल पारंपरिक मीडिया, प्रिंट एवं टीवी को जो लाभ प्राप्त हैं, भविष्य में उन्हें उन निकायों को देने पर वह विचार करेगा जो डिजिटल मीडिया के माध्यम से भी समसामयिक विषयों एवं खबरों के अपलोडिंग/स्ट्रीमिंग में लगे हैं।

जारी बयान के मुताबिक ऐसे मीडिया जो सुविधाएं देने पर वह गौर करेगी , उनमें उसके संवाददाताओं , छायाकारों, वीडियोग्राफरों को पीआईबी मान्यता, आधिकारिक संवाददाता सम्मेलन में भागीदार समेत पहुंच आदि शामिल हैं। उसके बाद ऐसे लोगों को सीजीएचएस लाभ, रियाायती रेल किराया आदि भी मिलने लगेगा।

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