मौसमी उलटफेर – ताकतवर हुआ अरब सागर के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र, देश के इन हिस्‍सों में चार दिन तक भारी बारिश

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फाईल

मनोहर

अरब सागर के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र और प्रबल हो गया है। हालांकि गनीमत है कि यह भारतीय तट से दूर जा रहा है। मौसम विभाग (India Meteorological Department, IMD) के चक्रवात चेतावनी प्रभाग (Cyclone Warning Division, CWD) की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, निम्‍न दबाव के क्षेत्र के भारतीय तट से दूर जाने के कारण पश्चिमी तट पर किसी बड़े मौसमी उलटफेर की संभावना नहीं है।

मौसम विभाग की मानें तो उत्तर महाराष्ट्र तट के पास पूर्व मध्य अरब सागर (Arabian Sea) के ऊपर निम्न वायुदाब का बना क्षेत्र पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ते हुए अवदाब में बदल गया है। इस क्षेत्र के अगले 48 घंटों के दौरान पश्चिम की ओर और अधिक बढ़ने और उसके बाद धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। हालांकि मौसम विभाग (India Meteorological Department, IMD) ने मछुआरों को मध्य और उत्तर अरब सागर में नहीं उतरने की चेतावनी दी है।

मौसम विभाग के हवाले से बताया है कि इस अवदाब के चलते सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय जिलों में अगले 24 घंटे में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस डिस्‍टर्बेंस की वजह से आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और यनम में अगले चार दिनों तक गरज चमक और तेज हवा के साथ भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

यही नहीं आंध्र प्रदेश के समीप बंगाल की खाड़ी के इलाके में एक नया निम्‍न दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है जिससे बारिश की स्थितियां बनेंगी। गहरे निम्न दबाव का क्षेत्र अरब सागर के उत्तर-पूर्व और इससे सटे मध्य पूर्व भागों पर है। साथ ही एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र भी बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो अगले 24 घंटों में तेलंगाना, तटीय और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश के आसार हैं।

यही नहीं तमिलनाडु, गुजरात, विदर्भ, उत्तरी कोंकण, गोवा, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। वैसे बीते 24 घंटों के दौरान आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, तटीय कर्नाटक, विदर्भ, अंडमान और निकोबार के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। स्‍काईमेट वेदर की मानें तो उत्तर भारत की तरफ एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी आ रहा है।