सामाजिक समरसता के प्रतीक डॉ. कृष्णा मोदी – नेल्सन

Scn news india

आशीष उघड़े 

सारनी। पद्माश्री एवं कला क्षेत्र में छत्तीसगढ़ राज्य का सर्वोच्च सम्मान राजा चक्रधार पुरस्कार से सम्मानित जेएम नेल्सन ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को लेकर को लेकर बताया कि 91 वर्षीय कॉमरेड कृष्णा मोदी सरल सौम्य सादगी के धनी है, सामाजिक समरसता में उनकी रूचि रही है। वह एक सच्चे देशभक्त और वासुदेव कुटुम्बकम् के वे हिमायती रहे है। मोदी जी मेरे सबसे बड़ेजीजा जी है। देश भक्ति से ओतप्रोत उनके जीवन की शुरूआत थी छोटा था इसलिये उनसे ज्यादा सबंध नही थे। उस समय मेरे स्व. पिताजी बेजिमीन नेल्सन नन्दनी माईन्स में कार्य करते हुए भिलाई स्टील प्लांट में कार्य करना शुरू किया था। उस समय कृष्णा मोदी ने भिलाई, राजहरा आदि जगहों पर अपनी कम्युनिष्ट पार्टी का शुभारंभ किया था और पार्टी के मजदूर संगम एटक की स्थापना की थी। इसी दौरान नागपुर के एक अधिकारी जिला दुर्ग में कलेक्टर पदस्थ हुए। 1959 में डॉ. मोदी ने मेरी बड़ी बहन शैल कुमारी नेल्सन जो नर्स थी उनसे दुर्ग में कोर्ट मैरिज की थी उनकी शादी करवाने में दुर्ग कलेक्टर स्वयं गवाह बने थे। मेरा मानना है कि स्व. शैल नेल्सन मोदी ने जीवन के हर कदम में उनका पूरा साथ निभाया है। जहां मोदी जी स्वयं राष्ट्रीय स्तर पर मजदूर नेता बने वही दूसरी ओर उनकी धर्मपत्नि अपने सामाजिक कार्यों की वजह से पाथाखोड़ा क्षेत्र में मोदी सिस्टर के नाम से प्रसिद्ध हुई। सन् 1986 में श्रीमति शैल नेल्सन मोदी का कैन्सर जैसी घातक बिमारी से निधन हो गया। डॉ. मोदी जी के जीवन में ऐसे क्षण भी आये जब 1987 में उन्हे पार्टी ट्रेनिंग के लिये 3 माह मॉस्को (रूस) जाना पड़ा और वापस होते समय नागपुर एयरपोर्ट पर उन्हे पता चला कि उनके छोटेपुत्र प्रकाश मोदी जो रायपुर इंजिनियर कालेज फाइनल ईयर में शिक्षा प्राप्त कर रहे थे उनका देहांत हो गया है। मात्र 10 माह के अंतराल में बेटेऔर धर्मपत्नि के देहांत के बाद भी उन्होने अपने जीवन की उदासी को नया अंदाज दिया। और गम को पीकर अपने कार्य में लगे रहे, सभी के साथ रिश्ते निभाते रहे और हर त्यौहार पर बधाई देते आ रहे है। उन्होने लाल झण्डे के प्रभाव को राष्ट्रव्यापी स्वरूप प्रदान किया है। उनका ध्यान हमेंशा मजदूरों की भलाई और उनकी उन्नति की ओर लगा रहा और उन्हे पद का कतई लालच नही था उनका ज्यादा ध्यान कार्य करने पर ही था। उनके चेहरे का प्रभाव ठीक सुभाषचन्द्र बोस की तरह था। मोदी जी गुणों के धनी है और मैने उनके सभी गुणों को अपनाया है।