आज का मौसम – 13 अक्टूबर: IMD ने जताई इन राज्यों में भारी बारिश की आशंका, समुद्र में उठ सकती हैं तेज लहरें

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मनोहर
13 अक्टूबर का मौसम पूर्वानुमान (Weather Forecast): बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र सोमवार को गहरे दबाव में बदल गया और इसके मंगलवार तड़के उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों नरसापुर और विशाखापत्तनम से गुजरने की संभावना है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने यह जानकारी दी.
नई दिल्ली. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के चक्रवात चेतावनी विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना दबाव का क्षेत्र बना था अब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है. इसकी वजह से मंगलवार तड़के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और उत्तर आंध्र प्रदेश तट के नरसापुर और विशाखापट्टनम के बीच पार करने की बहुत संभावना है. इस दौरान गहरे दबाव की वजह से अधिकतम 55-65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 57 किलोमीटर प्रतिघंटे तक की रफ्तार से हवा चल सकती है.

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को तेलंगाना के अधिकतम जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अधिकांश स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश (> 20 सेमी प्रति दिन) होने के आसार है. कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिण कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठावाड़ा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिण ओडिशा, और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार है.

हवा की गति 75 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका
इस समयावधि में दोपहर तक पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश के तट पर हवा की गति 55-65 किमी प्रति घंटा से बढ़कर 75 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. साथ ही बंगाल के उत्तर-पश्चिमी खाड़ी, बंगाल के दक्षिण-पश्चिम खाड़ी से सटे इलाकों और ओडिशा के साथ-साथ तमिलनाडु और पुदुचेरी के तटों पर हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटे से लेकर 70 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंच सकती है और मन्नार की खाड़ी में45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज़ हवाओं की रफ्तार 65 किलोमीटर तक पहुंच सकती है.

मौसम विभाग की ओर से मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे मंगलवार को पश्चिम बंगाल की खाड़ी में और पश्चिमोत्तर बंगाल की खाड़ी, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ ओडिशा- आंध्र प्रदेश-तमिलनाडु और पुदुचेरी तटों और मन्नार की खाड़ी में ना जाएं. विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि पूर्व और पश्चिम गोदावरी, विशाखापट्टनम, विजयनगरम और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिलों और यनम में नुकसान होने की संभावना है.