कर्मचारी न होने के कारण लैब मे मिट्टी की जांच नही करा पा रहे किसान

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दिलीप पाल
आमला। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रो मे मिट्टी की जांच किए बिना ही किसान खेती किए जा रहे है। क्योकि मिट्टी परीक्षण के लिए आमला से 3 किलोमीटर दूर ही कार्यालय का निर्माण कराया गया है। लेकिन मिट्टी परीक्षण कार्यालय मे स्टाफ न होने के कारण किसानो को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है मिली जानकारी के अनुसार कार्यालय मे कोई भी एक्सपर्ट नही है। जबकि सरकार ने आमला ब्लाक स्तर की मिट्टी परीक्षण की प्रयोगशाला लैब का निर्माण ब्लॉक मुख्यालय से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम तोरणवाड़ा में किया हैं। लेकिन कर्मचारियों की नियुक्ति नही की गई। मिट्टी परीक्षण केन्द्र मे कर्मचारी नही होने के कारण किसान यहा से अपने खेत की मिट्टी की जांच उसकी उर्वरक शक्ति सहित अन्य रासायनिक तत्वों की जानकारी हासिल कर खेत में बौवनी कर सके। लेकिन कार्यालय मे तकनीकि एक्सपर्ट नही होने से कई सालों से किसानों को इसका लाभ नही मिल पा रहा है। इस साल कोरोना महामारी होने के कारण सरकार ने मिट्टी परीक्षण के आदेश नही किए इसलिए किसी भी प्रकार की सेपलिंग नही हुई जबकि सन् 2019 मे सरकार ने मिट्टी परीक्षण पर विशेष जोर दिया था।
किसान संघ के मनोज नावंगे ने बताया की कार्यालय मे स्टाफ नही होने के कारण लाखो की मशीन धूल खा रही हैं किसानो को मिट्टी परिक्षण के लिए परेशानी का सामाना करना पड़ रहा है शासन और प्रशासन को किसानो के फसल के बारे मे सोचना चाहिए।
किसान लखन यादव ने बताया कि शासन द्वारा कार्यालय तो बना दिया हे लेकिन कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं होने के कारण जिला मुख्यालय पर जाना पड़ता है। जहा आने जाने केे लिए किसानों का पुरा दिन बर्बाद हो जाता हे उसके बाद भी मिट्टी की जांच नही होती। जबकि मिट्टी की जांच के लिए अधिकारियों को किसान के खेतो में आकर सेंपल ले जाना चाहिए।