खत्म होने की स्थिति में पहुंचा सतपुड़ा जलाशय, आदिल ने की तत्काल जलाशय साफ करने की मांग

Scn news india

आशीष उघडे 

सारनी जिला बैतूल मध्य प्रदेश में स्थित सतपुड़ा जलाशय पिछले 2 साल से सलविनिया मोलेस्टा नामक खरपतवार फैला हुआ है।
जिसके गंभीर दुष्परिणाम जलाशय में पड़ रहे हैं, जलाशय में मौजूद जलीय जीवों की मृत्यु हो रही है और जलाशय का पानी भी प्रदूषित हो चुका है।
इस मामले को लेकर पिछले 2 साल से सारनी निवासी आदिल खान के माध्यम से प्रधानमंत्री समेत विभिन्न विभागों से संपूर्ण जलाशय की सफाई हेतु मांग की जा रही है । इस समय लगभग 80% सतपुड़ा जलाशय खरपतवार की चपेट में है, आदिल ने बताया कि उनके सहयोगी मयंक मालवीय और दीपक मालवीय ने सतपुड़ा जलाशय में फैली खरपतवार के फोटो ड्रोन से लिए हैं, जिसमें जलाशय की गंभीर स्थिति साफ नज़र आ रही है।

जलाशय का पानी तेजी से प्रदूषित हो रहा है अगर यही हाल रहा तो गर्मियों में जलाशय का पानी उपयोग हीन हो जाएगा। नगर पालिका सारणी क्षेत्र की संपूर्ण आबादी सतपुड़ा जलाशय के पानी पर निर्भर है, आदिल ने बताया कि सतपुड़ा जलाशय का पानी पूर्ण रूप से प्रदूषित होने पर ना सिर्फ लोगों में बीमारी फैलेगी बल्कि इससे लोगों की मृत्यु भी हो सकती है, साथ में सतपुड़ा ताप विद्युत गृह को चलाने के लिए भी पानी मिलना मुश्किल हो जाएगा।

आदिल ने बताया कि वर्ष 2019 में मध्य प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी द्वारा जलाशय के दस फीसदी हिस्से की सफाई के लिए एक टेंडर निकाला गया था, टेंडर के अनुसार जलाशय की सफाई का काम वीड हार्वेस्टर मशीन से होना था परंतु लगातार मजदूरों से ही मशीन की जगह काम करवाया जा रहा है, जो कि पूर्णता गलत है और कानून का उल्लंघन है। मध्य प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी के सिविल विभाग के अधिकारी स्वयं ही ठेकेदार के साथ मिलकर मजदूरों का शोषण करते हुए उनसे वह कार्य करवा रहे हैं जो मशीन से किया जाना चाहिए था, इस वजह से गुणवत्ताहिन काम हो रहा है । इस संबंध में आदिल के माध्यम से मानव अधिकार आयोग और मध्य प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी में समस्त सबूतों के साथ शिकायत की जा चुकी है।

गौरतलब है कि पानी से संबंधित कार्यों का टेंडर क्यूबिक मीटर में निकलता है परंतु टेंडर क्रमांक 2506 स्क्वायर मीटर में निकाला गया है, जो की समझ से परे है।
आदिल का कहना है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार मिलीभगत करके शासन को गुमराह कर रहे हैं, व नियम और कानून का उल्लंघन करते हुए खुलेआम बड़ा भ्रष्टाचार कर रहे हैं।
इस मामले में शांत रहने के लिए ठेकेदार द्वारा पूर्व में आदिल खान को धमकाया भी जा चुका है। जलाशय की सफाई के मामले को लेकर आदिल की शिकायत पर पूर्व में दो मुख्य अभियंताओं के तबादले सारनी से हो चुके हैं।
आदिल ने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, प्रमुख ऊर्जा सचिव, मैनेजिंग डायरेक्टर मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी इत्यादि को ईमेल कर दोबारा इस मामले की शिकायत की है, साथ ही सिविल विभाग के दोषी अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की है। आदिल का कहना है कि उन्होंने तत्काल संपूर्ण सतपुड़ा जलाशय की सफाई की व्यवस्था करने की मांग की है, प्रबंधन द्वारा जल्द से जल्द संपूर्ण सतपुड़ा जलाशय की सफाई की व्यवस्था ना करने पर उन के माध्यम से इस मामले को लेकर धरना प्रदर्शन दिया जाएगा और न्यायालय की शरण भी ली जाएगी, यह मामला जनहित से जुड़ा है और दिन प्रतिदिन गंभीर होता जा रहा है । इस मामले में आदिल खान के माध्यम से विभिन्न विभागों में 2 दर्जन से अधिक शिकायतें की जा चुकी हैं।

सूचना के अधिकार के तहत लगाए गए आवेदनों का नहीं दे रहे जवाब
आदिल ने बताया कि उन के माध्यम से सतपुड़ा जलाशय के संबंध में 8 सूचना के अधिकार के आवेदन सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में लगाए गए हैं, प्रबंधन द्वारा आदिल को पत्र भेजा गया कि जवाब तैयार हैं जिस पर आदिल ने आपत्ति लगाई कि 1 महीने से अधिक समय बीत चुका है इसलिए जवाब निशुल्क प्रदान किए जाएं, तीन बार आपत्ति लगाने के बाद भी प्रबंधन द्वारा इस मामले पर कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है।
आदिल ने बताया कि इस मामले में सूचना अधिकारी श्री मंगल सिंह धुर्वे हैं और आदिल के माध्यम से सतपुड़ा जलाशय की सफाई में हो रही धांधली के मामले में श्री मंगल सिंह धुर्वे की शिकायत भी की गई है, अगर उन के माध्यम से जवाब दिया गया तो दोषी पाए जाने पर उनकी स्वयं की नौकरी भी खतरे में पड़ सकती है जिस वजह से नियम कायदों को ताक पर रखकर वे सूचना के अधिकार के आवेदन का जवाब नहीं दे रहे हैं।

इनका कहना है 

सतपुड़ा जलाशय हेतु कार्यवाही की जा रही है।

मुख्य अभियंता उत्पादन सरज‌ चौहान