शहर की विभिन्न समस्याओं को लेकर डॉ. मोदी ने लिखा जिलाधीश को पत्र

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आशीष उघड़े
सारनी। शहर की विभिन्न समस्याओं को लेकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं नगर बचाओ उद्योग बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक डॉ. कृष्णा मोदी ने बैतूल जिलाधीश को पत्र लिखा। जानकारी देते हुए डॉ. मोदी ने बताया कि सारनी नगर पालिका के अंतर्गत सारनी, पाथाखेड़ा, शोभापुर, बगडोना के अंतर्गत निवास करने वाले नागरिक भुखमरी के शिकार होने जा रहे है। जिसको लेकर उनके द्वारा जिलाधीश को पत्र लिखा गया। जिसमें उन्होंने कहा कि सन् 2018 मई माह में सारनी नगर पालिका यो अंतर्गत रहने वाली जनता ने राज्य शासन एवं केंद्र शासन के समक्ष नगर को उजड़ने से बचाने हेतु लगातार 10 दिन तक आंदोलन किया था, कि सारनी में पावर हाउस का 1 युनिट बढ़ाने एवं पाथाखेड़ा में 3 कोयला खदानें खोलने, सारनी को तहसील बनाने तथा सारनी से लगा हुआ सुखाढाना में उद्योग नगरी स्वीकृत हो जाने के बाद भी सरकार को जागृत करने के लिए था। जिस पर जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप कर उक्त समस्याओं को पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्यवाही करने का आश्वासन जनता को दिया था। उसी के तहत दूसरे दिन 22 मई 2018 को आनन फानन में सारनी को उप तहसील बनाया गया। परंतु जिला प्रशासन एवं जिले के जनप्रतिनिधियों, विधायक एवं सांसद ने कोयला खदान खोलने एवं सारनी में एक युनिट खोलने हेतू उक्त दोनों कम्पनियों के प्रबंधकों से कई बार चर्चाएं कर लोगों के अन्दर आशा बंधाई कि अब दो चार रोज में खदानें खुल जायेगी एवं युनिट भी बनना शुरू हो जायेगी, परन्तु निराशा अभी भी बनी हुई है। यहां के लोगों को उनको निवास के लिए अभी तक पट्टा नही मिला। सुखाढाना में उद्योग हेतु जमीन आदि आवंटित होने के बाद भी उद्योग धंधों को नहीं लगाया गया तथा जो उप तहसील खुली है यह भी हर सप्ताह संचालन नहीं हो रही है।
जबकि 9 एवं 10 अक्टूबर को उजड़ते कोसमी उद्योग नगरी को बनाने हेतु जिलाधीश अग्रसर है। जबकि उन्हें यह भी जानकारी मिली कि जिला एडवाइजरी कमेटी क्षेत्र के विधायक एवं सांसद ने हमारे क्षेत्र की समस्याओं के विचार होगी परन्तु उन चर्चाओं पर जिला प्रशासन भी मौन है। जिसको लेकर डॉ. मोदी ने बताया कि उनके द्वारा जिलाधीश को पत्र लिखते हुए अपील करी गयी कि यदि हमारे क्षेत्र के विधायक एवं सांसद के दिये सुझावों को देने के बाद आप जल्द से जल्द इस क्षेत्र की ज्वलंत समस्याएँ, कोयला खदानें खोलने, पावर हाउस की युनिट लगवाने, सूखाढाना में उद्योग लगवाने, निवासियों को पट्टा देने एवं नियमित सारनी नगर पालिका में उप तहसील के कमरों को कम से कम सप्ताह में दो बार खुलवाने की मांग की गई।