साइक्लोन सीजन का पहला डिप्रेशन बंगाल की खाड़ी पर बनकर तैयार, 12 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तटों से टकराएगा

Scn news india

मनोहर

सीजन का पहला डिप्रेशन बंगाल की खाड़ी पर विकसित हो चुका है और यह पश्चिमी तथा उत्तर पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आगामी 24 घंटों की अवधि में यह डिप्रेशन की क्षमता में आ जाएगा और इसी तरह से पश्चिमी तथा उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ता रहेगा।

11 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे यह सिस्टम आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से 430 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व में जबकि काकीनाड़ा से 490 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था। आंध्र प्रदेश के ही नरसापुर से आज सुबह इसकी दूरी 520 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में थी। डीप डिप्रेशन की क्षमता में यह आंध्र प्रदेश के नरसापुर और विशखापट्टनम के बीच से टकराएगा।

इस डिप्रेशन के प्रभाव से पूर्वी तटों पर पहले से ही घने बादल आज गए हैं, हवाएं तेज हो गई हैं और बारिश भी बढ़ गई है। अनुमान है कि यह सिस्टम 12 अक्टूबर की शाम या रात को आंध्र प्रदेश के तटों के पास पहुंचेगा। उस दौरान आंध्र प्रदेश के तटीय भागों तथा उत्तरी तटवर्ती तमिलनाडु के क्षेत्रों के साथ-साथ दक्षिण तटवर्ती ओडिशा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

भारत में साइक्लोन सीज़न

आपको बता दें कि पोस्ट मॉनसून सीज़न के तीन महीनों अक्टूबर-नवंबर-दिसम्बर को साइक्लोन सीज़न के रूप में भी जाना जाता है। यानि कि इन तीन महीनों में बंगाल की खाड़ी पर तूफान उठने की संभवना रहती है। यह सिस्टम चक्रवाती तूफान इसलिए नहीं बन रहा है क्योंकि विकसित होने के बाद लंबे समय तक समुद्री क्षेत्र पर रहने का मौका नहीं मिला और ही तेजी से आगे बढ़ रहा है।

डिप्रेशन का किन राज्यों पर दिखेगा असर

डिप्रेशन के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के साथ-साथ तमिलनाडु, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गोवा और गुजरात तक बारिश दर्ज की जाएगी। पूर्वी तटीय भागों में सबसे ज़्यादा प्रभाव होगा और जब यह अंदरूनी हिस्सों पर पहुंचेगा तब तेलंगाना से लेकर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के भी कुछ इलाकों में इस सिस्टम के कारण बारिश होने की संभावना है।