वन भूमि पर खेती, सीसीएफ के दौरे की सुचना पर उजाड़ने पहुँचा वन अमला

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1. सीसीएफ के दौरे की जानकारी मिलने ये बाद फसलों को उजाड़ने पहुँचा वन अमला।

2. लगभग 80 एकड़ वन भूमि पर अतिक्रमण कर रहे खेती।

3. किसानों का आरोप सभी से लिये गये 30-30 हजार रुपये।

मोहम्मद आज़ाद 

वन भूमि पर खेती, सीसीएफ के दौरे की सुचना पर उजाड़ने पहुँचा वन अमला

वन्य प्राणियों के शिकार और पेड़ों की अवैध कटाई के लिए सुर्खियों में रहने वाली धरमपुर रेंज इन दिनों फिर सुर्खियों के है यहाँ पर करीब 80 एकड़ के जंगल में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से साफ कर दिया गया और उक्त जमीन में सतना जिले के एक गांव के करीब 19 परिवार खेती कर रहे हैं जंगल में खेती करने की शिकायत होने की भनक लगते ही वन विभाग का अमला फसलों को उजाड़ने के लिए पहुंच गया जिस पर लोगों ने खनिज मंत्री से इसकी  शिकायत की जिसके बाद वन विभाग की टीम वहां से लौट आई। बतादें कि जंगल में सतना जिले के कुम्हारी ग्राम पंचायत के मजरा टोटाईला इलाके के लगभग 2 दर्जन लोगों ने यहां की करीब 80 एकड़ जमीन पर कब्जा किया हुआ है इनके द्वारा जंगल को साफ करने के बाद जुलाई में खेती कर जुताई कराई गई और फसलों को बोया गया।  किसानों ने आरोप लगाया है कि इसके बदले उनसे वन विभाग के मैदानी अमले द्वारा 30-30 हजार रुपये पहले ही ले लिए गए थे और फसलों के बाद 10-10 हजार रुपये देने को कहा गया था।जहां  किसानो के द्वारा  तिल, उड़द और मूंग की फसल की बुबाई भी की जा चुकी हैं। अजयगढ़ से मोहम्मद आज़ाद की रिपोर्ट

किसानों के द्वारा तिल, उड़द और मूंग की फसल की बुबाई भी कर चुके हैं जबकि अरहर सहित अन्य फसल भी लगी हुई हैं। किसानों का आरोप है कि वन विभाग की टीम पूर्व में उनके गांव आई थी वहां उन्हें कहा गया था कि यदि वे 30-30 हजार रुपये देंगे तो उन्हें जंगलों में खेती करने के लिए जमीन दी जाएगी इस पर करीब दो दर्जन परिवारों के किसान खेती करने के लिए तैयार हो गए किसानों का आरोप है कि वन विभाग के मैदानी अमले द्वारा 30-30 हजार रुपये पहले ही ले लिए गए थे और फसलों के बाद 10-10 हजार रुपये देने को कहा गया था।

मामले में वन विभाग की मिलीभगत साफ नजर आ रही है यदि मैदानी अमले की मिलीभगत नहीं होती तो भला इतनी बड़ी संख्या में किसान इतने बड़े क्षेत्र के जंगल को कैसे साफ कर लेंगे वहां हफ्तों ट्रैक्टर से जुताई की गई और किसान 3 माह से जंगल में पड़े हुए खेती कर रहे हैं वहीं इस पूरे मामले में धर्मपुर रेंजर का कहना है कि वन अमला पुलिस बल को लेकर वन भूमि में अतिक्रमण कर बोई फसल को हटाने गया था वहां अतिक्रमण करने में वन विभाग के किसी कर्मचारी की संलिप्तता की जांच कराई जाएगी यदि जांच में संलिप्तता प्रभावित होती है तो मामले में सख्त कार्यवाही की जाएगी।