कोरोना महामारी के संकट काल मे भी ग्राम पंचायत घोड़ाडोंगरी में हुई गजब की बदरबाँट –उपसरपंच नितेश भुजवरे

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ग्राम पंचायत के उपसरपंच युवा नेता नितेश भुजवरे ने लगाए गम्भीर आरोप

लोक डाउन में 2 महीने चली कचरा गाड़ी और  बिल निकला एक लाख सत्तर हजार से अधिक का

प्रवीण मलैया 

घोड़ाडोंगरी — घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के मुख्यालय की ग्राम पंचायत घोड़ाडोंगरी अपने नए नए कारनामे को लेकर हमेशा सुर्खियों में बनी रहती है लेकिन विडंबना है कि ये कारनामे जनहित के लिए नही होते अपितु पँचायत में बैठे कुछ लोगो की आपस मे बदरबाँट की वजह होती है
बंदरबांट के कारण ग्राम पंचायत घोड़ाडोंगरी पूरे नियम कानून को एक तरफ रखकर कुछेक लोगो की हाँथ की कठपुतली बन गई है
जहाँ आपस मे बैठकर शासन के पैसे को केसे खुद की जेब मे डालना है इसको लेकर विचारविमर्श होकर अपनी अपनी जेब भरने का काम करते है और और इस पूरे मामले में सबसे बड़ी बात ये है कि शासन के पैसे निकालने के लिए जो बिल लगते है वो पूरे बिल या तो देखा जाए एक ही प्रतिष्ठान के होते है या फिर बिल लगा कि पैसे दुकानदार के खाते में डलवाकर उनसे नगदी वापस ले ली जाती है
लेकिन अब इस पूरे मामले की जानकारी ग्राम पंचायत के उपसरपंच और भाजयुमो के पूर्व मण्डल अध्यक्ष नितेश भुजवरे को लगी तो उन्होंने ग्राम पंचायत के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है और एक एक कर अब सभी कार्यो की जानकारी उनमें कितना व्यय हुआ और कितने के बिल और किसके लगे इसकी जानकारी एकत्रित करने चालू कर दिए है
ग्राम पंचायत के उपसरपंच नितेश भुजवरे ने ग्राम पंचायत पर गम्भीर आरोप लगाते हुए बताया कि कोरोना काल मे जब पूरा देश संकट में था और सम्पूर्ण देश मे लोक डाउन था तब हम लोगो ने नगर में सफाई के लिए कचरा गाड़ी चालू करवाई थी और लोक डाउन खत्म होने के बाद ये गाड़ी बन्द कर दी गई
लोक डाउन में ये कचरा गाड़ी लगभग 2 महीने चली जिसका प्रतिदिन का हिसाब 800 रुपये था
जिस हिसाब से कचरा गाड़ी का बिल 48000 रुपए के आसपास बनना था लेकिन ग्राम पंचायत में बैठे कुछ रिश्वतखोरो ने इस विपरीत घड़ी में भी मानवता को तारतार कर शवकराधान से डेढ लाख के उपर का बिल अलग अलग दुकानों का लगा कर निकाल लिया
इस बारे में श्री भुजवरे पँचायत पर आरोप लगाते हुए बताते है कि उनको यह भी जानकारी लगी है कि कचरा गाड़ी वाले को जब आखिरी में 18000 रुपये का पेमेंट देना था तो पँचायत के एक कर्मचारी ने 58 हजार रुपये और 33000 रुपये गाड़ी वाले के खाते में से डाल कर उससे वापस ले लिए थे
इसके बाद पँचायत का खेल यही नही रुका घोड़ाडोंगरी के एक सीमेंट,और हार्डवेयर के दुकान का बिल लगा कर 26000 और 24000 रुपए निकाले गए
अब जब ये पूरा मामला ग्राम पंचायत के उपसरपंच नितेश भुजवरे के सामने आया तो उन्होंने पँचायत के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर उच्चस्तरीय शिकायत करने का मन बना लिया है साथ ही श्री भुजवरे पूर्व में भी हुए सभी कामो की जानकारी के साथ उनमें लगे बिलो की भी शिकायत करने की योजना बना रहे है
श्री भुजवरे ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत घोड़ाडोंगरी जो एक अच्छी ग्राम पंचायत बन सकती थी राशि भी पर्याप्त रहती है लेकिन कुछ लोगो ने अपनी जेब भरने के चक्कर मे इस पँचायत को दयनीय स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है और जिसके कारण आज भी नगर में जगह जगह गन्दगी पड़ी रहती है और न तो एक भी जन हितेषी कार्य पँचायत ने नही किया जो किया भी उसमें या तो एक काम मे चार चार बिल लगा कर पैसे निकाले या फिर श्मशान घाट जाने वाली रोड हो या तहसील जाने वाली रोड जहाँ सिर्फ आज सीमेंट रोड के नाम पर गिट्टिया दिख रही है
श्री भुजवरे अब इस पूरे मामले की जानकारी एकत्रित कर लोकायुक्त के पास शिकायत करने की तैयार कर रहे है जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाये और जनता का पैसे लूटने वाले सलाखों के पीछे होगे।