ओ बी सी पिछड़ा वर्ग अधिकार संघर्ष दिवस के रूप में मनाया

Scn news india

दिलीप पाल 

आमला -ओ बी सी पिछड़ा वर्ग अधिकार संगठन ने आमला में ऐतिहासिक दिनांक 27 सितंबर को “ओ बी सी पिछड़ा वर्ग अधिकार संघर्ष दिवस के रूप में मनाया।  दिनांक 27 सितंबर 1951 भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन के रूप में दर्ज है।इसी दिन डॉ बाबा साहब अम्बेडकर ने ओ बी सी पिछड़ा वर्ग को उनके हक अधिकार दिलाने के लिये संघर्ष करते हुए भारत सरकार के कानून मंत्री पद से स्तीफा दे दिया था।आज का दिन ओ बी सी पिछड़ा वर्ग के लिये बाबा साहब के त्याग और त्याग बलिदान का दिन है।उल्लेखनीय है कि ओ बी सी पिछड़ा वर्ग की जातीय जनगणना कराने एवं जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व दिलाने के लिये तत्कालीन केंद्र सरकार के उपेक्षा पूर्ण रवैये से दुखी होकर 27 सितंबर 1951 को डॉ बाबा साहब अम्बेडकर ने कानून मंत्री पद से स्तीफा दिया था।इसलिये ये तिथि इतिहास में दर्ज है ओ बी सी के लिये बाबा साहब अम्बेडकर जी का ये त्याग लोगो तक पहुंचाने और इस तिथि की महत्ता जन जन तक पहुंचे इस हेतु आज ओ बी सी पिछड़ा वर्ग के लिये समर्पित संगठन ओ बी सी पिछड़ा वर्ग अधिकार संगठन ने इस दिवस को मनाया।उल्लेखनीय है कि इस महत्वपूर्ण दिवस को मानने की पहल आमला से ही हुई है और पहली बार इस दिवस को मनाया गया।देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी से यह आशा है कि 27 सितंबर को ओ बी सी अधिकार संघर्ष दिवस के रूप में घोषित करे तथा इस दिन शासकीय अवकाश भी घोषित करे।संगठन के लोगो ने आशा की है कि सभी वर्गों का कल्याण करने वाले माननीय मोदी जी इसे जरूर पूरा करेंगे।इस संदर्भ में प्रधानमंत्री के नाम संगठन ने ज्ञापन भी सौंपा था।
आज इस दिन को यादगार बनाने के लिये संगठन के लोग नपा स्कूल प्रांगण में बाबा साहब की प्रतिमा के समक्ष एकत्रित हुए और माल्यार्पण किया।इस अवसर पर संगठन के प्रमुख डॉ बी पी चौरिया, समाजसेवक चंद्रशेखर पंडोले,लक्ष्मी वामनकर,शेषराव चौकीकर,शिव गुजरे,कृष्णा भूमरकर,मनोज विश्वकर्मा,प्रमोद हारोडे,अकरम खान,लिखीराम साहू,बसंत ओडूकले ,अजय चौधरी आदि उपस्थित थे।