राष्ट्रीय तितली की दौड़ मे एसटीआर मे पाई जाने वाली तीन तितली

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मनीष मालवीय 

होशंगाबाद सोहागपुर // देशभर में राष्ट्रीय तितली का चुनाव होना है वैसे तो सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में तितलियों की 130 प्रजातियां पाई जाती हैं। लेकिन देशभर में राष्ट्रीय तितली चुनने के लिए जिन सात प्रजातियों में से चुनाव होना है उनमे से तीन प्रजातियां इंडियन नवाब या कॉमन नवाब, ऑरेंज आकलीफ व कॉल जेजेबेल नाम से जाने जानी वाली तितलियां होशंगाबाद जिले के एसटीआर में भी पाई जाती हैं।
तितली पर्यावरण का अभिन्न व महत्वपूर्ण अंग हैं, जो प्रकृति के संरक्षण व संवद्र्धन की प्रक्रिया के मुख्य प्रतिनिधित्वकर्ताओं में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इसलिए अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों की ही तरह राष्ट्रीय तितली निर्धारण की जब बात आई तो लॉकडाउन अवधि के दौरान इसके लिए प्रक्रिया प्रारंभ की गई। होशंगाबाद में एसटीआर के क्षेत्र संचालक रह चुके नागर ने बताया कि विभिन्न मानदंडों के अनुरूप चुनाव प्रक्रिया जारी है।
इन सात तितलियों में है मुकाबला।

जानकारी अनुसार राष्ट्रीय तितली निर्धारण के लिए विशेषज्ञों, तितली प्रेमियों व शोधार्थियों ने 50 तितलियों का चयन किया था।
लेकिन अब सात तितलियों कृष्ण पिकॉक, कॉमन जेजेबेल, ऑरेंज ओकलीफ, फाईबार सवर्डटेल, इंडियन नवाब, येलो गोर्गोन तथा नॉदर्न जंगल क्वीन के बीच मुकाबला है।

जिसके लिए एक लिंक भी बनाई गई है, जिस पर तितली प्रेमी अपना मत राष्ट्रीय तितली के निर्धारण के लिए दे सकते हैं। बता दें कि राष्ट्रीय तितली चुनाव 10 सितंबर से प्रारंभ हुआ है और सात अक्टूबर तक चलेगा।

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में पहले तितलियों की 127 प्रजातियां है पाई जाती थी लेकिन 8-10 सितंबर 2017 के मध्य ईको पर्यटन विकास बोर्ड और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व द्वारा बटर फ्लाई सर्वे एवं अवेयरनेस कैम्प पंचमढ़ी में लगाया गया। इस शिविर में 102 प्रतिभागी और 21 तितली विशेषज्ञों ने भागीदारी की।

सतपुड़ा टाईगर रिजर्व में पहले 127 प्रकार की तितलियां देखी गई थीं। पहली बार तीन नई प्रजाति की तितलियां भी पाई गयीं जिनके नाम हैं-क्लब सिल्वरलाइन, लांग बैंडड सिल्वर लाइन और ऑरेंज टेल्ड आवल।सतपुड़ा टाईगर रिजर्व में पहले 127 प्रकार की तितलियां देखी गई थीं। इन 3 नई प्रजातियों को मिलाकर इनकी संख्या 130 हो गई है।

एसटीआर का भौगोलिक क्षेत्र व जैव विविधता का संसार तितलियों के जीवन चक्र की पूर्णता के लिए अनुकूल वातावरण देता है। इसलिए एसटीआर में 130 प्रजातियों की तितलियां पाई जाती हैं। पचमढ़ी में पनारपानी क्षेत्र तितलियों के लिए ही बनाया गया है, जिसके लिए एसटीआर क्षेत्र संचालक रहते हुए अनिल नागर ने काफी प्रयास किए थे। उल्लेखनीय है कि दो से पांच नवंबर 2019 में देश के 50 से अधिक तितली प्रेमी एसटीआर में आए थे तथा तितलियों का सर्वे किया गया था।
भारत व एसटीआर का आंकड़ा
भारत में तितलियां- 1500 प्रजातियां, 300 उप-प्रजातियां
एसटीआर में तितलियां- 130 प्रजातियां
एसटीआर में सर्वाधिक- 45 प्रजातियां (परसापानी रेंज, बफर जोन)