कालीबावडी एवं सुराणी क्षेत्र के झोलाछाप डाक्टरों के विरूद्ध कार्यवाही

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मनोहर

इंदौर संभाग के धार जिले में जिला प्रशासन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है। ग्राम कालीबावडी में संयुक्त टीम जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.पी.एस.ठाकुर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. नरेन्द्र पवैया, जिला मलेरिया अधिकारी श्री धमेन्द्र जैन, खंड चिकित्सा अधिकारी बाकानेर डॉ. एन.एस गेहलोत तथा जिला कम्युनिटी मोबिलाईजर श्री मुकेश मालवीया, श्री जगदीश शर्मा द्वारा झोलाछाप डाक्टरों की जॉंच की गई। टीम द्वारा सर्वप्रथम दवाखाना डा. संदीप जायसवाल के घर पर चेकिंग की गई। डॉंक्टर जनरक्षक पद्धति पर कार्य कर रहा है। छानबीन करने पर अंदर मेडिसिन बॅटल एवं इंजेक्शन पाये गये,जिनका पंचनामा बनाकर फर्जी डॉक्टर के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही के लिए बीएमओ को पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिये गये।
इस फर्जी डॉंक्टर के पास किसी भी प्रकार की डिग्री पंजीयन नहीं थीं। इसके बाद दवाखाना डॉ. संजय सिमलोन एवं डा. जितेन्द्र शर्मा के क्लीनिक पर छापेमार कार्यवाही की गई, जिसमे क्लीनिक संचालक आने के पूर्व ही ‍क बंद करके भाग गये थे, जिनपर बीएमओ को कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये। साथ ही गोस्वामी मेडिकल दुकान भी पास मे संचालित की जा रही थी। यह दुकान किराना दुकान के साथ संचालित की जा रही है। जो कि नियमों के विरूद्व है। साथ ही क्लीनिक संचालक आशीष गोस्वामी के पास किसी भी प्रकार का रजिस्ट्रेशन नहीं पाया गया। इन्हें भी नोटिस जारी किया गया।
इसके बाद ग्राम दाभड में डॉं. कमल रावत क्लीनिक का निरीक्षण किया। इस क्लीनिक पर डॉक्टर उपस्थित था। इस डॉक्टर के पास बीएएमएस की डिग्री पाई गई तथा किसी भी प्रकार का पंजीयन नहीं पाया गया। इस डॉक्टर की क्लीनिक तत्काल बंद करवाया गया और पंजीयन आदि कार्य पूर्ण करवाने के बाद ही क्लीनिक खेालने के निर्देश दिये, अन्यथा उनके विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। इसी प्रकार ग्राम सुराणी के फर्जी डाक्टर बबलु विश्वास के क्लीनिक एवं निवास पर टीम द्वारा छोपमार कार्यवाही की गई। आसपास के लोगों द्वारा बताया गया कि संबधित फर्जी चिकित्सक रात में ही सम्पूर्ण क्लीनिक खाली करके भाग गया। इस चिकित्सक द्वारा होटल के पीछे अपना क्लीनिक संचालित किया जा रहा था।
आसपास के लोगों के द्वारा बताया गया की डाक्टर सभी बीमारियों का इलाज ग्यारण्टी से करता है। जहां दर्द होता है वहा पर इंजेक्शन लगाता था। इसी प्रकार वहॉं पर पूर्व में डाक्टर द्वारा किये गये इलाज वाले मरीज भी अपनी पीडा बताने आ गये। मुकेश डाबर द्वारा बताया गया कि एक सप्ताह पूर्व उसने अपनी बच्ची का इलाज फर्जी चिकित्सक से करवाया था, जिसे कुल्हे पर इंजेक्शन लगाया गया था, करीब दो दिन में कुल्हे के ऊपर एक से दो किलो की गठान बन गई। इस व्यक्ति द्वारा फर्जी चिकित्सक से संपर्क किया गया, लेकिन किसी भी प्रकार की सहायता नहीं मिली। बच्ची का नाम भावना-राजेन्द्र बताया गया जो कि जिला चिकित्सालय में भर्ती है ।
इसी प्रकार गलसिंग ग्राम जामनझिरी द्वारा बताया गया कि उसको आंखों में दिखाई देने में समस्या आ रही थी। जिसे डाक्टर ने आखों में इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसकी पूरी आँख ही खराब हो गई, इस व्यक्ति को आँख से दिखाई भी नहीं देता है। ग्रामीणों के साथ में डाक्टर की जानकारी चाही गई लेकिन उक्त चिकित्सक फरार हो चुका था । क्षेत्र के अन्य ग्रामों में भी टीम द्वारा भ्रमण किया गया, परंतु अधिकतर क्लीनिक संचालक बंद करके भाग गये। ग्रामीणों द्वारा बताया गया की आप लोगों की खबर चलते ही सभी क्लीनिक संचालक बंद करके चले गये।

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