पेटीकोट सिलाई से आत्मनिर्भर बन रही है महिलाएं

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संदीप पाटनकर
बैतूल-दीनदयाल अंत्योदय योजना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से जनपद पंचायत शाहपुर में ग्रामीण क्षेत्रो की गरीब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये एक बेहतर प्लेटफार्म उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में यहां महिलाएं पेटीकोट तैयार कर आकर्षक पैकिंग में स्थानीय बाजारों में बेचकर चार से पांच हजार रूपए की मासिक आय प्राप्त कर रही हैं, जो उनके लिए बड़ी आर्थिक सहूलियत है।


विकासखण्ड शाहपुर में संचालित प्रतिज्ञा महिला आजीविका संकुल स्तरीय परिसंघ से 20 ग्रामों में 206 स्व सहायता समूह को जोड़ा गया है जिसमें सम्मिलित महिलाओं को कौशल के अनुरूप नये-नये रोजगार से जोड़ा जा रहा है। इसी दिशा में एक पहल शाहपुर में स्थापित आजीविका सिलाई सेन्टर है। इस सेन्टर में 46 हाईटेक सिलाई मशीनों पर 50 महिलाएं कार्यरत हैं जो वर्तमान में पेटीकोट सिलाई का कार्य कर रही है। इससे पूर्व महिलाओं द्वारा स्कूल ड्रेस, लोवर, टी-शर्ट एवं मास्क निर्माण का कार्य किया गया था, जिससे इनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में बदलाव आया है।


पेटीकोट तैयार करने में लगने वाला कपड़ा (पोपलिन) रतन टेक्सटाइल, बालोत्रा राजस्थान से क्रय किया जा रहा है। पूर्ण तैयार पेटीकोट को आकर्षक पैकिंग में सीएलएफ से जुड़ी महिलाओं द्वारा स्थानीय बाजार में बेचा रहा है, जिससे प्रत्येक महिला को 4000 से 5000 हजार रूपए तक मासिक आय हो रही है।
समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये आजीविका मिशन शाहपुर एवं जिला पंचायत बैतूल के अधिकारियों द्वारा विशेष प्रयास किये गये। विशेष रूप से जिला पंचायत सीईओ श्री एमएल त्यागी द्वारा इस नवाचार की पहल की गई।