किसान संघर्ष समिति ने की, फसल बीमा कराने की तारीख बढ़ाने की मांग

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आशीष उघड़े 

मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में उन्होंने कहा कि प्रदेश में खरीफ की फसलों को अल्पवृष्टि, कीट व्याधि,अतिवृष्टि और बाढ़ से अत्यधिक नुकसान हुआ है। मध्य प्रदेश शासन के राजस्व और कृषि विभाग के अनुमान के अनुसार 15 लाख हेक्टेयर पर खड़ी फसल बर्बाद हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान सोयाबीन, मक्का, मूंग, उड़द और अरहर की फसलों को हुआ है। सब्जियां भी बड़े पैमाने पर बर्बाद हुई है। ऐसी स्थिति में किसान अपेक्षा करते हैं कि उन्हें फसल बीमा का मुआवजा मिलेगा। जिससे आंशिक ही सही पर  किसानों के नुकसान की कुछ तो भरपाई हो सकेगी ।
एड राकेश महाले ने कहा कि अखबारों के मुताबिक पिछले वर्ष की तुलना में 10 लाख कम किसानो ने फसल बीमा कराया है। समय पर किसानों को जानकारी नहीं मिलना , किसानों के पास प्रीमियम जमा करने के पैसे न होना , फसल बीमा स्वैच्छिक किया जाना, पिछले साल का बीमा समय से नही मिलना तथा लॉकडाउन के कारण यह स्थिति बनी है।

उन्होंने मांग की है कि गत वर्षों का फसल मुआवजा अभी तक किसानों को नहीं मिला है। बकाया राशि का भुगतान करने के निर्देश भी जारी किए जाए तथा फसल बीमा कराने की तारीख बढ़ाई जाए ताकि इच्छुक किसान फसल बीमा करा सकें।