ई-टेण्डर से पहले ही खरीद लिया वाहन , विभाग की सांठगांठ उजागर , भ्रष्टाचार का नायाब मामला।

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चंद्रमणि विश्वकर्मा 

अनूपपुर/जैतहरी। नगर पालिका जैतहरी में जन सेवा के नाम पर जनता ने दूसरी बार एक ब्यापारी को विकास की कमान दे दी। उसे क्या पता था कि यह तो वास्तविकताओं से दूर विकास के नाम पर अपना विकास करने के लिए आतुर है। जहाँ पूर्व अध्यक्ष राम अग्रवाल ने विकास की डोर छोड़ी थी, वह आज भी वही खड़े अपने नए मुखिया को आतुर नज़रो से निहार रही है। किंतु नए मुखिया तो अलग ही गणित में ब्यस्त है। नगर पालिका जैतहरी इन दिनों भ्रष्टाचार का गढ़ बना हुआ है, चाहे रेस्ट हाउस के लिए समान खरीदी का मामला हो या फिर पार्क खरीदी का। मामला हर तरफ सिर्फ गोलमाल ही नज़र आता है।

सीएमओ और अध्यक्ष दोनों की मिलीभगत
वाहन की खरीद में हुए खेल व भ्रष्टाचार पर सीएमओ व अध्यक्ष ने खामोशी की चादर ओढ़ ली है। आरोप है कि वाहन बाजारी मूल्य से महंगे खरीदे गए है। ठेकेदार को वाहन खरीदने का वर्क आर्डर देने के पूर्व ही ठेकेदार द्वारा उस वाहन का बीमा नगर पालिका जैतहरी के नाम पर करा दिया। सवाल उठता है कि जब निविदा खुली ही नही तो ठेकेदार को कैसे पता था कि वाहन का ऑर्डर उसे ही मिलेगा। इस कार्य में सीएमओ और अध्यक्ष दोनों की मिलीभगत साफ नज़र आ रही है।

इन बिंदुओं पर हो प्रमुखता से जांच –
वाहन खरीद के नाम पर कितना पैसा पालिका में स्वीकृत हुआ.? जो टेंडर पालिका द्वारा निकाला गया है उसके नियम व शर्ते किसके आदेश पर किसने बनाई.? टेन्डर प्रकिया में कितने ठेकेदारो या कम्पनी ने भाग लिया.? टेन्डर प्रक्रिया के एग्रीमेन्ट की कंडीशन किसने और कब बनाई.? जिस ठेकेदार को पालिका द्वारा कार्य दिया गया है, उक्त ठेकेदार द्वारा पहले भी किसी सरकारी संस्था में क्या वाहन सप्लाई की गई है.? अगर सप्लाई की है तो पूरी जानकारी के साथ जॉच करायी जाये। क्या पालिका द्वारा जो वाहन लिये गये है उनकी टेक्निकल रिपोर्ट भी आरटीओ आफिस से ली है.? अगर ली है तो वह कब पास करायी और किसने पास की व किस कंडीशन में हुई.?

अब तक नही हुआ पंजीयन –
नगरपालिका अध्यक्ष व सीएमओ द्वारा कमीशन के लिए वाहन खरीद तो लिया गया किन्तु आज दिनांक तक उक्त वाहन का पंजीयन ठेकेदार व नगरपालिका द्वारा नही कराया गया। सूत्रों की माने तो अब उक्त वाहन का पंजीयन हो भी नही सकता। ऐसे में इस प्रमाणित भ्रष्टाचार पर प्रशासन की खामोशी संदेह उत्पन्न करती है।

तो क्या….ठगी गई जनता –
नपा जैतहरी की जनता ने राम अग्रवाल के कार्यो से प्रभावित होकर नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव में दलों के दलदल को दरकिनार करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी पर अपनी मोहर विकास के नाम पर लगाई थी। किन्तु अब वही जनता विकास को तलाश रही है लेकिन वह विकास तो अध्यक्ष व सीएमओ की परिक्रमा में ब्यस्त है।

ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि विकास किसका और कितना हो रहा है। आज जैतहरी की जनता अपने आपको निर्दलीय प्रत्याशी के नाम पर ठगा सा महसूस कर रही है।

इनका कहना है।
मामले में जो भी जानकारी चाहिए आप कार्यालय में आ कर सम्पर्क कर लो।
राम मिलन तिवारी, सीएमओं, जैतहरी नगर पालिका।
हमारे कार्यकाल से पहले भी एक वाहन का पंजीयन हमारे द्वारा अभी कराया गया। वाहन खरीदी के मामले में प्रकिया उचित अपनाई गई है। बाकी हमारा आवेदन वाहन नंबर के लिए लगा है। वाहन आये कितना समय हुआ है मुझे पता नही।
विजय शुक्ला, अध्यक्ष पति, नगर पालिका जैतहरी।