जनपद की 23 दुकानों के मामले में निरस्त करने की कार्यवाही से पहले सीईओ का हुआ तबादला

Scn news india

दिलीप पाल 

आमला. जनपद पंचायत आमला की 23 दुकानों के मामला राजनीति के चक्कर मे अधिकारियों का स्थानांतरण होने लगा है क्योंकि जनपद पंचायत आमला की 23 दुकानों की नीलामी की प्रक्रिया की शिकायत स्वयं क्षेत्रीय विधायक योगेश पंडाग्रे और जनपद पंचायत के सभी सदस्यों ने जिला कलेक्टर पहुंचकर शिकायत की थी शिकायत के बाद जिला पंचायत बैतूल द्वारा जनपद पंचायत आमला को कार्रवाई के आदेश दिए गए थे जनपद पंचायत आमला के सीईओ संस्कार बावरिया ने आदेश के उपरांत शिकायत की जांच में सभी दुकानों के पंचनामा बनाकर वीडियोग्राफी कराई गई थी जिसमें कई दुकानदारो नहीं वीडियोग्राफी में कहा था कि वह स्वय किराएदार है इसके बाद भी जांच में की गई वीडियोग्राफी क्या आधार पर भी शिकायत की जांच सही पाई गई इसके बाद एसडीएम मुलताई द्वारा फिर पुनः दुकान की जांच कर वीडियोग्राफी कराई गई थी एसडीएम द्वारा कराई गई जांच में भी शिकायत सही पाई गई थी इसके बाद भी कोई कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है क्योंकि राजनीतिक षड्यंत्र के चलते तबादला उद्योग आमला में भी जारी हो गया है 23 दुकानों की नीलामी और भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच करने चलते जनपद सीईओ संस्कार बावरिया का तबादला अन्य स्थान पर कर दिया गया है जन चर्चाओं में यह भी है कि कांग्रेश के एक कद्दावर नेता इस भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण 23 दुकानों के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है बताया जा रहा है कि जनपद पंचायत के व्यवसाय कांप्लेक्स 23 दुकानों में बड़े-बड़े लोग को चयनित कर बिना नीलामी की प्रक्रिया के ही दुकाने नीलाम कर दी गई थी इसके बाद जनपद सदस्य द्वारा और क्षेत्रीय विधायक योगेश पंडाग्रे ने स्वयं जिला कलेक्टर से शिकायत की मांग कर जांच की मांग की थी लेकिन जांच ठंडे बस्ते में जाने से अब ऐसा लग रहा है कि 23 दुकानों के मामला पूरी तरह दब चुका है।

ईमानदारी का नतीजा मिला तबादला

जनपद पंचायत आमला के सीओ संस्कार बावरिया के नाम की चर्चा ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहरी क्षेत्र में भी है क्योंकि वह जब से पदस्थ हुए थे उन्होंने ईमानदारी की मिसाल कायम की थी उनके कार्यकाल में जितनी भी शिकायतें की गई थी उनकी निष्पक्ष जांच की गई थी जिसका नतीजा भी सामने आया था। कई मामलों में सरपंच सचिव पर कार्यवाही भी प्रस्तावित की गई लेकिन जब जनपद पंचायत की व्यसायिक कांप्लेक्स मैं किए गए भ्रष्टाचार की जांच में सीओ संस्कार बावरिया के द्वारा दुकान निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही थी कि उसी दौरान उनकी ईमानदारी का उनको इनाम स्वरूप तबादला दिया गया चर्चा यह भी चल रही है कि 23 दुकान निरस्त होने वाली थी इसके पहले ही राजनीतिक षड्यंत्र के चलते सीओ संस्कार बावरिया का तबादला इंदौर कर दिया गया है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आप जनपद पंचायत आमला के व्यसायिक काम्प्लेक्स निरस्त करने की कार्यवाही ठंडे बस्ते में चली गई है।

सीईओ संस्कार बावरिया के तबादले से दुकानदारों में हर्ष का माहौल

जनपद पंचायत आमला के सीईओ संस्कार बावरिया के तबादले के आदेश जैसी सोशल मीडिया में वायरल हुए तो कांप्लेक्स के अधिकतर दुकानदारों में हर्ष का माहौल देखा गया है क्योंकि कहीं ना कहीं सीईओ संस्कार बावरिया की जांच में संभवत दुकान निरस्त होने ही वाली थी कि उससे पहले उनका तबादला आमला से इंदौर कर दिया गया है तबादले को लेकर दुकानदारों में हर्ष का माहौल देखा जा रहा है बताया जा रहा है कि दुकानों पर अगर निरस्त करने की कार्यवाही होती भी तो अधिकतर दुकानदार न्यायालय की शरण लेते लेकिन उसे पहले ही सीईओ संस्कार बावरिया जांच के चलते तबादला उधोग की चपेट में आ गए और उनका तबादला आमला से इंदौर कर दिया गया है।

इनका कहना है……

इस विषय में जब क्षेत्रीय विधायक योगेश पंडाग्रे से चर्चा दूरभाष पर समय दोपहर 12.12 मिनट पर इस नंबर 9425002630 करनी चाही तो उन्होंने फोन रिसीव नही किया गया।