जान हथेली पर रख पावर हॉउस कर्मचारी जरजर क्वाटरों में रहने को मजबूर,बड़ा हादसा टला

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आशीष उघड़े 

सारनी-‌ ‌मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के कर्मचारी जान हथेली पर रख पावर हॉउस की कालोनी के  जरजर क्वाटरों में रहने को मजबूर है। आये दिन किसी क्वॉटर के  लेंटर का मलबा टपक जाता है तो कहीं छज्जा टपक जाता है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंगती। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। आज भी एक पॉवर हाउस कर्मचारी दुर्घटना का शिकार होते होते बच गए।

वार्ड क्रमांक 3 महारानी लक्ष्मीबाई वार्ड सुपर ई 220 क्वाटर नंबर सुबह दिलीप राजपूत  छत पर 11:00 व 11:15 बजे के बीच जल चढ़ाने जा रहे थे। तभी टॉप फ्लोर के पोर्च का सामने का हिस्सा पूरा का पूरा दूसरी मंजिल से नीचे आ गिरा।  और वे बाल बाल बच गए।एक सीढ़ी और आगे होते तो ईंट सीमेंट का भारी भरकम मलबा सिर पर आ गिरता। शुक्र है की कोई अनहोनी नहीं हुई और बड़ा हादसा टल गया।

बारे दे कि ये कोई पहली घटना नहीं है। ऐसी कई घटनाएं पहले भी हो चुकी है लेकिन सिविल विभाग और प्रबंधन इसे गंभीरता से नहीं लेता शायद किसी बड़ी घरना का इन्तजार है।

वही दूसरा  कॉलोनी वासियों द्वारा छज्जे और घर में से पानी सीपेज की समस्या को ले कर कई बार आवेदन दिया जा चुका है । लेकिन सिविल विभाग में कोई सुनने को तैयार नहीं है।  उनके द्वारा बताया जाता है कि  रेत नहीं है  कभी बोलते कर्मचारी नहीं है , विगत  एक दो  सालों से बस बहाना बनाया जा रहा था। आज बहुत बड़ी घटना हो सकती थी। इसके आलावा सिविल विभाग मेंटेनेंस में भी रूचि नहीं लेता।  कई लोगों के घर दरवाजे खराब हो गए है।  उसके लिए भी कई बार कंप्लेंट देना पड़ता है , एक कर्मचारी ने बताया की टुटा दरवाजा बदलने कई बार चक्कर लगाए तब जा कर काम हो पाया। सिविल वालों से कोई काम नहीं होता है।