भाइयों को तिलक कर बहनों ने कलाई पर सजाई रेशम की डोर

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दिलीप पाल ब्यूरो 

आमला.भाई-बहन के पवित्र व अटूट प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी कलाई पर रेशम की डोर सजाई। भाइयों ने भी बहनों को उपहार भेंट कर उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया। इस साल रक्षाबंधन के दिनलॉकडाउन होने के बावजूद भाई-बहन के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। मंगलवार को भुजरिया का पर्व मनाया गया। रक्षाबंधन के एक दिन बाद मंगलवार को भुजरिया पर्व मनाया गया। नागपंचमी पर बोई गई भुजरियों का मंगलवार को नदी-तालाबों में विसर्जन किया गया। इसके बाद वह भुजरिया बुजुर्गों को भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया गया। भुजरिया पर्व पर शहर समेत अनेक स्थानों पर दंगल भी होते हैं, लेकिन इस साल कोरोना का प्रकोप देखते हुए कहीं पर भी दंगल नहीं होंगे। इसी तरह भुजरिया विसर्जन के चल समारोह भी नहीं निकाले । बच्चो ने बुजुर्गो को भुजरिया भेट कर आशीर्वाद लिया।