नये भारत की नींव बनेगी नई शिक्षा नीति

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प्रवीण मलैया ब्यूरों 

सारनी। भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कमलेश सिंह ने भारत सरकार की नई शिक्षा नीति का समर्थन किया है। प्रेस को जारी बयान में उन्होंने कहा कि 34 साल बाद देश की शिक्षा नीति में परिवर्तन किया जाना एक बड़ा क्रांतिकारी कदम है। इससे जहां समाज मे सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा वहीं न्यू इंडिया की दिशा और दशा तय करने में यह नई शिक्षा नीति नींव का काम करेगी। उन्होनें कहा कि नई शिक्षा नीति के लागू होने के बाद समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा का उजाला पहुंचेगा और नए भारत का सपना साकार होगा।बच्चों को प्राथमिक स्तर से ही चरित्र निर्माण की शिक्षा दी जाएगी जो आगे चलकर देश का एक अच्छा नागरिक बन सकेंगे। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की शिक्षा क्षेत्रीय भाषा में दी जाएगी जिससे कि विषय का समग्र ज्ञान विद्यार्थियों को हो सके।

नई शिक्षा नीति में किताबों का बोझ कम कर व्यवहारिक ज्ञान पर ज्यादा जोर दिया गया है। परीक्षा को लचीला बनाकर विद्यार्थियों को परीक्षा के दबाव से मुक्त किया गया है। अपनी रुचि अनुसार विषय चुनने की आजादी मिलने से विद्यार्थियों का बहुमुखी विकास होगा। नई शिक्षा का स्वागत करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि इस शिक्षा नीति में माध्यमिक शिक्षा के साथ साथ उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए है। सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए कॉमन प्रवेश परीक्षा आयोजित किए जाने का निर्णय स्वागत योग्य है। वहीं उच्च शिक्षा में पूरे देश के लिए एक ही नियामक आयोग का गठन एक सराहनीय पहल है।

नई शिक्षा नीति के ताजा प्रवधानों में शिक्षकों की योग्यता पर भी विशेष बल दिया गया है। शिक्षकों को सभी प्रकार के गैर शिक्षकीय कार्य से मुक्त रखा गया है। पीएचडी छात्रों के शोधपत्र अब आलमारियों की शोभा नही बढ़ाएंगे बल्कि समाज के हित में उनका अधिकतम उपयोग होगा। श्री सिंह ने कहा कि मोदी कैविनेट द्वारा मंजूर देश की नई शिक्षा नीति 21वीं सदी को भारत की सदी बनाने एवं नए युग के नए भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी। देश के सभी वर्ग के लोगों को आगे बढ़कर इस नीति का समर्थन करना चाहिए तथा इसे धरातल पर उतारने में सभी राज्य सरकारों को सहयोग करना चाहिए।