सरस के नाम पर सारस ब्राण्ड की नही हो रही जांच खाद्य विभाग नही लेना चाहता तेल का सेंपल

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  • सरस के नाम पर सारस ब्राण्ड की नही हो रही जांच
  • खाद्य विभाग नही लेना चाहता तेल का सेंपल
  • शिकायत मिलने पर भी खाद्य विभाग कार्यवाही से कर रहा पहरेज

 

आमला. सरस तेल के नाम पर सारस का लेबल लगाकर नकली तेल इन दिनों बोरधाई की क्षेत्र में खूब बिक रहा है बोरदेही के एक किराना व्यवसाई के यहां खुला तेल लाकर कुपियों में डालकर सारा के नाम का लेबल लगाकर नकली तेल की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है बीते दिनों इसकी शिकायत खाद्य विभाग को भी की गई थी लेकिन खाद्य विभाग द्वारा इस ओर कोई कार्यवाही ना ही कोई जांच की जा रही है जबकि खाद्य विभाग को उक्त तेल का सैंपल लेना था लेकिन खाद्य विभाग के अधिकारी भी सेंपल नही ले रहे है क्रांति अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं बताया जाता है कि किराना व्यवसाई के यहां वर्षों से खुला तेल गोपियों में भरकर सारस के नाम से बिक्री किए जा रहा है पहले भी इसकी शिकायत खाद्य विभाग नापतोल विभाग को की जा चुकी है लेकिन दोनों ही विभाग कार्रवाई करने में परहेज क्यों कर रहे हैं यह बात समझ से परे एक तो नकली तेल है ऊपर से उसका वजन भी 2 लीटर 500 ग्राम काम है बताया जा रहा है कि उक्त कुप्पी में 12 लीटर तेल दिए जाना चाहिए लेकिन किराना व्यवसाई द्वारा साडे 12 लीटर तेल की भर्ती कर नकली तेल ग्राहकों को बिक्री किया जा रहा है।

नापतौल विभाग भी नही कर रहा करवाई

नापतोल विभाग इस मामले में जांच करने को तैयार नहीं है क्योंकि नापतोल विभाग के जिला अधिकारी को इस बारे में शिकायत मिली है लेकिन नापतोल विभाग की कार्रवाई करने परहेज कर रहा है जिला नापतोल अधिकारी एस.एस. मीणा से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि शिकायत तो मिली है जल्द ही इस मामले में जांच कराई जाएगी

एक दर्जन से अधिक व्यापारी कर रहे है नकली तेल का कारोबार

ग्राम पंचायत बोरदेही में खाद्य नकली तेल का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है बोरदेही के मेन बाजार, एक किरना व्यासयी खुलेआम चल नकली तेल की बिक्री कर रहा हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग व प्रशासन की नाक के निचे चल रहे इस कारोबार की जांच नहीं हो रही है। खुलेआम कई बड़े ब्रांडो के नाम के कुपियों में नकली तेल भरकर बाजारों में बेचा जा रहा है कई बार शिकायतें होने के बावजूद भी प्रशासन नकली तेल के कारोबारियों पर शिकंजा कसने में नाकाम साबीत हो रहा है। दरअसल खाद्य तेल के लिए सरकार से लाइसेंस लेने के साथ-साथ रजिस्ट्रेशन करवाना भी जरूरी होता है और साथ ही कई तरह के मानक पूरे करने पड़ते हैं, जो यहां पुरे नहीं हो रहे हैं किसी बड़े ब्राण्ड के नाम से उसका लेवल लगाकर खुला तेल सारस के नाम से बेचा जा रहा है। बताया जा रहा है कि एक दर्जन से अधिक व्यापारी नकली तेल का कारोबार कई वर्षों से कर रहे है अभी तक इन पर खाध विभाग की कोई कार्यवाही नही की गई है

नकली तेल से फूड प्वायजनिंग से जा सकती है जान

केमिकल व ग्लिसरीन युक्त तेल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है इससे लीवर संबंधी गंभीर बीमारियों के होने का खतरा बढ़ सकता है। इस तरह के तेल से बने खाने से ड्राप्सी बीमारी हो सकती है।ड्राप्सी पीड़ितों के शरीर में सूजन के साथ फेफड़ों में पानी जमा होने का खतरा रहता है. तेल के अधिक प्रयोग करने पर फूड प्वायजनिंग और आंतों में इंफेक्शन सहित अन्य पेट की गम्भीर बीमारियां जन्म लेने लगती हैं. ज्यादा समय होने पर लीवर डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है और ड्राप्सी की चपेट में आने पर सेवन करने वाले व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।

इस तरीके से पहचानें असली और नकली तेल

घरों में प्रयोग करने वाले असली व नकली तेल की पहचान करने के लिए आसान तरीका है.
– इसके लिए हाथ साफ करके तेल की मालिश करें. यदि त्वचा पर तेल रंग छोड़ता है तो समझिये मिलावट है
– तेल को फ्रिज में रखने पर वह जम जाये, तो समझिये कि यह मिलावटी है.
– मिलावटी तेल को गरम करने पर खाना बनाने वाले व्यक्ति को चक्कर आने जैसी स्थिति या छींके आने लगती हैं।
– मिलावटी तेल से बना भोजन करने पर एसिरीडिटी बनने लगती है तथा पेट फूलने की शिकायत बन जाती है.

इनका कहना है……..
बोरदेही में नकली तेल बिक्री करने की शिकायत मिली है डीईओ सहाब के निर्देश अनुसार मंगलवार को बोरदेही में तेल व्यापारियों के यहां सेंपल लिए जायँगे।

संदीप पाटिल नगर निरीक्षक खाद्य एवं औषधि प्रशासन बैतूल