अनूपपुर की राजनितिक बड़बड़

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चंद्रमणि विश्वकर्मा अनूपपुर 

अनूपपुर -कांग्रेस के पास नेताओं की कमी नहीं लेकिन नये युवा जुझारु लोगों को सामने लाने से चूक कर देती है क्योंकि उसमें बुजुर्गों का सम्मान की परम्परा रही है। बुजुर्गों के अनुभव को भुनाने में कांग्रेस सदैव आगे रहती थी लेकिन मध्यप्रदेश में अनूपपुर एक ऐसी विधानसभा सीट निकली जहाँ उसका बुजुर्ग विधायक स्तीफा देकर बीजेपी से जा मिला और कांग्रेस की सरकार गिरा बीजेपी की सरकार बना मन्त्री बन बैठा। चर्चा है कि खरीदने बिकने का भी खेल करोड़ों में हुआ है? अखबार और इलेक्ट्रानिक मीडिया में चर्चे आम हैं लेकिन यह तो बिकने औए खरीदने वाला ही जाने? पर कांग्रेस में एक बुजुर्ग जिसका सम्मान करने के एवज में विधानसभा की टिकट देकर जिता कर कार्यकर्ताओं ने विधायक बना भोपाल भेजा। बिसाहूलाल की पूरी जिन्दगी कांग्रेस में बीती इसलिए मन्त्री पद के लालच में या कुछ और जैसी चर्चा है के कारण कांग्रेस से नाता तोड़ जो विश्वासघात अनूपपुर की जनता और कार्यकर्ताओं से किया उससे लोग क्षुब्ध हैं। बल्कि इस दलबदलू घटना से अनूपपुर विधान सभा के मतदाताओं के बीच भी अच्छी खासी नाराजगी देखी जा रही है। मन्त्री पद के बावजूद वैसा उत्साह क्षेत्र की जनता और बीजेपी कार्यकर्ताओं में नहीं जो विधायक बनने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह था। बिसाहूलाल सिंह के प्रति कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जो सम्मान था काफुर हो गया बल्कि उन्हें हराने वे कमर भी कस चुके हैं। कोरोना कॉल में भी बैठकों का दौर चल रहा है। जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने का पालन किया जा रहा है। कांग्रेस के लोगों ने तो ऐसा स्थानीय प्रत्याशी ढूंढ़ा है जो हर मामले में बिसाहूलाल सिंह को पीछे छोड़ देगा। रमेश सिंह जिनका जिक्र मैं अपने पहले पोस्ट में कर चुका हूँ। लेकिन अभी शहडोल एसडीएम के पद पर विराजमान है और राजनैतिक रुप से भाग नहीं ले रहे हैं। पर अनूपपुर शहर हो या गॉव जनजन की जुबान में रमेश सिंह का नाम देखा जा सकता है!
उधर भाजपा के पूर्व विधायक राम लाल रौतेल अपनी पार्टी की उपेक्षा से खासे नाराज बताये जा रहे हैं। हालाकि उनके हाथ पैर पहले से बांधे जा चुके हैं विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी बना कर। ताकि वे बिसाहूलाल सिंह के खिलाफ लोगों को लामबन्द न कर सकें। हल्ला तो यह है कि बिसाहुलाल जी जीते तो अनूपपुर बीजेपी कमल मय न होकर बिसाहूलाल परिवार मय हो जायेगी? हाल की जानकारी के मुताविक भोपाल से दो पूर्व मन्त्री संजय पाठक और राजेन्द्र शुक्ल को भी अनूपपुर की कमान सौंपी गई है। जिनका तम्बू जल्द गाड़ा जाने वाला है जहाँ पूर्व की भांति हलुआ पूरी का इन्तजाम रहेगा।
लेकिन क्या यह हलुआ पूरी इस दफे बिसाहूलाल सिंह के माथे में तिलक लगाने में सहायक होगा?
नोट-पहली पोस्ट की लोकप्रियता के कारण अनुपपुर जनता के विशेष मांग पर यह पोस्ट लिखी गई बहुत सी जानकारी वहाँ के स्थानीय लोगों से ली गई।