आम आदमी पार्टी ने 5 सुत्रीय मांगो को ले कर एसडीओपी सारणी को सौपा ज्ञापन

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आशीष उघड़े सिटी रिपोर्टर 

आम आदमी पार्टी सारणी जिला उपाध्यक्ष सपन कामला  के नेतृत्व में आज 5 सुत्रीय मांगो को ले कर एसडीओपी सारणी को जिला न्यायधीश के नाम ज्ञापन सौंपा गया।  जिसमें पार्टी के अल्पसंख्य प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष सिराज खान जी,युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष शिबू विश्वकर्मा जी,जिला कार्यकारिणी सदस्य संतोष मुजमुले जी,महिला संगठन से पूनम गुप्ता जी शामिल हुए । आम आदमी पार्टी ने ज्ञापन में कोरोना के कठिन समय में बेरोजगारी, स्वास्थ्य, बिजली बिल, शिक्षा व किसान/श्रमिक के मुद्दों पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान  का ध्यानाकर्षण कराया है।

मुख्य बिंदु 

[1] बेरोजगारी :-
के महामारी के कारण लॉकडाउन की स्थिति निर्मित हाेने से हर वर्ग के रोजगार के अवसर समाप्त हो चुके हैं। प्रदेश की जनता गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है। ऐसी स्थिति में रोजगार के अवसर निर्मित किये जाने चाहिए। कोरोना महामारी व लॉकडाउन के दौरान जब आम आदमी का आय स्रोत लगभग खत्म हो गया है। शासन के समस्त विभागों में स्थाई व अस्थाई संविदा आदि रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति की जाए। मजदूरों की आय का निर्धारण दिल्ली सरकार की तर्ज पर किया जाए जिससे वह अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मान से कर सकें। दुकान व रेहड़ी पट्टी वालो को शासन द्वारा उचित राहत प्रदान की जाए। प्रदेश सरकार निवेश हेतु उद्योगपतियों को सस्ती जमीन व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराए जिससे प्रदेश में नए उद्योग लग सके व बड़े पैमाने पर प्रदेशवासियों को रोजगार मिल सके।

[2] बिजली:-
बिजली की दरें अधिक होने के करण बिजली बहुत मंहगी हैं। बिजली दरों में कमी की जाए। पुनः निर्धारण किया जावे। दिल्ली सरकार की तर्ज पर बिजली बिलों में राहत दी जाए। लॉकडाउन के चलते  बाजार एवं सारे व्यवसाय बंद होने के कारण हर वर्ग की आमदनी समाप्त हो चुकी है। प्रत्येक परिवार में आर्थिक तंगी का अभाव है। अतः सरकार से आग्रह है कि अगले 3 माह के हर वर्ग के बिजली बिल माफ किये जाएं।

[3] शिक्षा-
कोरोना की स्थिति में समस्त छात्रों को आगामी कक्षा तथा सेमेस्टर में जनरल प्रमोशन दिया जाए, जिससे छात्र भविष्य को लेकर तनाव में न रहे। परिवारों में आर्थिक तंगी होने एवं शिक्षण
संस्थान बंद होने को देखते हुए लॉक डाउन की अवधि 3 माह की स्कूल व कॉलेज की सभी प्रकार की शिक्षा फीस माफ की जावे। स्कूल बंद होने के बावजूद भी स्कूल प्रशासन द्वारा अभिभावकों पर लगातार फीस जमा करने हेतु दबाव डाला जा रहा जो कि अनुचित है।
कुछ स्कूल सप्ताह में एक दोऑनलाइन क्लास सिर्फ इसलिए ले रहे हैं ताकि फीस वसूली कर सकें जिसपर तत्काल रोक लगाई जाए एवं साथ ही स्कूल व कॉलेज को सरकारी मदद दी जानी चाहिए।

[4] किसान/श्रमिक :-
लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में देशभर से आये मजदूरों को अपने ही प्रदेश में रोजगार देने की जिम्मेदारी सरकार की है। इसके लिए एक प्रसाशनिक कमेटी बनाई जाए जो जिला स्तर पर दूसरे राज्यों से आये मजदूरों की सूची तैयार कर सके व उन्हें उनके अनुभव के अनुसार सरकार के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने में मदद करे। कोई मजदूर परेशान न हो इसलिए एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाए। किसी भी मजदूर को परेशानी आये तो वो टोल फ्री नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सके।
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा इस वर्ष 1925 रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की जा रही थी। इसके बावजूद अधिकांश किसान समर्थन मूल्य से कम कीमत पर अपनी उपज बेचने को मजबूर हुए। सरकारी मापदंडों में उलझे किसानों को मसूर को छोड़कर चना व गेहूं के विक्रय में घाटा उठाना पड़ रहा है। सरकारी खरीदी के जो मापदंड तय किए गए हैं उस पर जिला कलेक्टर की जवाबदेही तय की जाए कि आने वाले समय में किसानों की फसल समर्थन मूल्य से कम में न बिकने पाए।

[5] स्वास्थ्य-
कोरोना महामारी के चलते प्रदेश की जनता को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने कहा की आम आदमी पार्टी प्रदेश सरकार से स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल जी का दिल्ली मॉडल प्रदेश में लागू करने की मांग करती है क्योंकि दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं की प्रशंसा देश के प्रधानमंत्री भी कर चुके हैं।
– प्रदेश में कोरोना की टेस्टिंग बढ़ाई जाए।
– कोरोना वॉरियर्स की मृत्यु होने पर में दिल्ली सरकार की तर्ज पर उनके परिवार को 1 करोड़ रुपये की समान राशि दी जाए।
– सरकारी अस्पतालों में कोरोना संबंधित सुविधाएं बढ़ाई जाए।
– कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों के रोगियों का भी इलाज किया जाए क्योंकि अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।